Doordrishti News Logo

जोधपुर में 17 रूटों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

एक बार चार्ज होने पर 180 किलोमीटर तक चलेगी

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर में 17 रूटों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें। जोधपुर शहर के लोग जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों में सफर कर सकेंगे। इसके लिए रूट निर्धारण से लेकर चार्जिंग स्टेशन और डिपो का काम शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि शहर की पहचान के अनुसार,इन बसों का रंग भी ब्लू यानी नीला होगा।
जानकारी के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

बजट घोषणा के अनुसार जोधपुर को 125 बसें मिलेंगी। शहर के 17 रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा। इन बसों का ट्रायल जयपुर में हो चुका है। हालांकि जयपुर में मिली इलेक्ट्रिक बसों का आकार (साइज) 12 मीटर है,जबकि जोधपुर शहर को मिलने वाली बसों का आकार 9 मीटर रहेगा।

नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि जुलाई के अंत तक हमें 30 से 40 बसें मिल जाएंगी। इन बसों को पहले पुराने रूटों पर चलाया जाएगा। जानकारी के अनुसार जोधपुर शहर को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसें दो फेज में मिलेंगी। पहले फेज में 100 और फिर दूसरे फेज में 25 बसें आएंगी। हालांकि शुरुआती संचालन के लिए पहले चरण में कितनी बसें मिलेंगी,इसकी संख्या अभी पूरी तरह तय नहीं है।

जून में बिना टिकट यात्रा के 22 हजार मामले पकड़े

नौ मीटर लंबी इस बस में 25 सीटें होंगी,जबकि इसकी कुल क्षमता (कैपेसिटी) लगभग 36 यात्रियों की है। इनमें 2 सीटें खास तौर पर दिव्यांगों के लिए भी तैयार की गई हैं। इसे लेकर दिल्ली में टेंडर हो चुके हैं और अहमदाबाद की एक फर्म को इन बसों का काम दिया गया है।

ड्राइवर कंपनी देगी,निगम करेगा कंडक्टरों की भर्ती
जोधपुर शहर में तीन एजेंसियां मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। पहली डिस्कॉम,जो इलेक्ट्रिक बसों के लिए लाइन और ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम करेगी। दूसरी रूडसिको,जो झालामंड में डिपो बना रही है और तीसरी नगर निगम। इन बसों के संचालन के लिए 100 ड्राइवर कंपनी की ओर से नियुक्त किए जाएंगे,लेकिन कंडक्टरों की भर्ती और रेवेन्यू कलेक्शन (राजस्व संग्रह) का काम नगर निगम अपने स्तर पर करेगा। इसके लिए करीब 235 कंडक्टरों की भर्ती होगी।

किराया जल्द होगा तय, पास भी बनेंगे
किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाएगा। हालांकि,यह किराया कितना होगा,यह कमेटी तय करेगी। इन बसों में रोजाना सफर करने वाले शहरवासियों के लिए मासिक (मंथली) और सालाना पास भी बनेंगे। इन पास की भी अलग- अलग कैटेगरी होगी, जिसे कमेटी द्वारा तय किया जाएगा।