प्रमुख शासन सचिव ने की चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा

  • भीषण गर्मी में मरीजों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
  • संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं मैनपावर के प्रभावी नियोजन पर दिया जोर
  • ओटी कॉम्प्लेक्स में एसओपी अनुसार कार्यवाही एवं सूचना तंत्र सुदृढ़ करें

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),प्रमुख शासन सचिव ने की चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सोमवार को डॉ. सम्पूर्णानन्द मेडिकल कॉलेज सभागार में चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं,मानव संसाधन, आधारभूत संरचना,निर्माण कार्यों एवं चिकित्सा संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की तथा दिशा- निर्देश प्रदान किए।

बैठक में प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर बीएस जोधा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में स्वीकृत एवं कार्यरत पदों का विवरण,संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों एवं नर्सिंग अधिकारियों की स्थिति,ओपीडी एवं आईपीडी में मरीजों की संख्या,उपलब्ध बेड क्षमता, ऑपरेशन थिएटरों की संख्या,चल रहे निर्माण कार्यों,बजट घोषणाओं की प्रगति,चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा दवाइयों की स्थिति से अवगत कराया।

प्रमुख शासन सचिव ने किया एमडीएमएच का औचक निरीक्षण

भीषण गर्मी में मरीजों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि वर्तमान भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए पर्याप्त छायादार स्थान,पेयजल,बैठने एवं शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के उपचार एवं सुविधा प्रबंधन पर ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में वृद्ध मरीजों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संबोधित किया जाए तथा उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़े।

मैनपावर का प्रभावी उपयोग एवं संसाधनों का रोटेशन पर जोर
राठौड़ ने चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार स्टाफ बढ़ाकर कार्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा उपलब्ध मैनपावर का समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न इकाइयों में संसाधनों एवं मानव संसाधन का रोटेशन किया जाए ताकि मरीजों को निर्बाध एवं गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

एक्सपायर्ड दवाइयों एवं अनुपयोगी उपकरणों का वैज्ञानिक निस्तारण करने के निर्देश
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपयोग में नहीं आने वाली तथा एक्सपायर्ड दवाइयों एवं उपकरणों का निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। चिकित्सा संस्थानों में संसाधनों का उचित प्रबंधन एवं नियमित मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है।

सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने एवं एसओपी अनुसार कार्य करने पर दिया जोर
राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता में सतत सुधार की आवश्यकता है तथा मरीजों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए सभी स्तरों पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा उपचार प्रक्रिया में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की पूर्ण पालना पर बल दिया।

सूचना तंत्र एवं डिस्प्ले व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल परिसरों में सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सूचनाएं,सेवाओं से संबंधित जानकारी एवं दिशा-निर्देश सूचना पट्टों एवं नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं ताकि मरीजों एवं परिजनों को आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके। बैठक में मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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