Cancer aiims

कैंसर पर एम्स डॉक्टर्स की बड़ी उपलब्धि

जोधपुर, शहर के एम्स चिकित्सालय मेें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज में डॉक्टर्स ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब यहां पर हाइपरथर्मिक इन्ट्रापेरिटोनेल कीमोथेरेपी मशीन से कैंसर के मरीजों का इलाज किया जाएगा। हाल ही में एम्स के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट ने इस मशीन से पेट में फैले हुए कैंसर के दो मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जहां कैंसर की गांठ है उसी पर दवाई सीधा असर करेगी। इससे पहले यहां आने वाले ऐसे गंभीर मरीजों के ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से उन्हें दूसरे हायर सेंटर भेज दिया जाता था।

कैंसर पर एम्स डॉक्टर्स की बड़ी उपलब्धि

महिला को था ओवरी कैंसर

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जीवनराम विश्नोई ने बताया कि हाल ही में एम्स में 42 साल की महिला का इस तकनीक से इलाज किया गया। महिला को ओवरी का कैंसर था। कैंसर की गांठ बड़ी आंत, पेशाब की थैली, ओमेंटम और पेरिटोनियम से चिपकी थी। इसमें कैंसर की गांठ से प्रभावित हिस्सों को निकाला गया। उन्होंने बताया कि इसे साइटोरेडक्टिव सर्जरी कहते हैं। इस सर्जरी के बाद सिस्प्लैटिन नाम की कीमोथेरेपी की दवा को इस मशीन द्वारा दी गई। इसे 42 डिग्री के तापमान पर गर्म किया गया।

कैंसर पर एम्स डॉक्टर्स की बड़ी उपलब्धि

ओवेरियन,अपेंडिक्स व बड़ी आंत के कैंसर के लिए कारगर तकनीक

एम्स के निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा ने बताया कि पेट में फैले हुए ओवेरियन, अपेंडिक्स व बड़ी आंत के कैंसर के लिए ये तकनीक बहुत कारगर है। सामन्यत: ये कैंसर पेट में आसपास के अन्य अंगो व पेट के अंदर की झिल्ली (पेरिटोनियम) में फैल जाता है। ऐसे में कैंसर ब्लड से अन्य अंगों में जाने की संभावना कम रहती है। इस प्रकार के एडवांस कैंसर को साइटोरेडक्टिव सर्जरी करके निकालना जरूरी होता है। इसके बाद मशीन से कीमोथेरेपी की दवा को पेट में ट्यूब से रिलीज किया जाता है।

कैंसर पर एम्स डॉक्टर्स की बड़ी उपलब्धि

ऑपरेशन में इन विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा

ऑपरेशन के लिए एम्स निदेशक व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी प्रोफेसर, डॉ. संजीव मिश्रा और विभाग के सह आचार्य डॉ.जीवन राम विश्नोई ने पूरी प्लानिंग की। इस ऑपरेशन में डॉ. बिश्नोई के साथ में डॉ. निवेदिता शर्मा (सहायक आचार्य),डॉ.धर्माराम पूनिया (सहायक आचार्य),डॉ.राहुल,डॉ.राजे, डॉ. मोहित, डॉ. अरविन्द, डॉ. नेहा, धर्मवीर, तीजो चौधरी, रमेश (नर्सिंग ऑफिसर) शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम में प्रोफेसर प्रदीप भाटिया के नेतृत्व में डॉ. प्रियंका सेठी (सहायक आचार्य), डॉ. दीपक, डॉ. बालाकृष्ण, डॉ. पूजा (रेजिडेंट) आदि ने सहयोग किया।

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