मशीन से कटकर अलग हुआ प्राइवेट पार्ट सफलतापूर्वक जोड़ा

  • महात्मा गांधी अस्पताल में जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी
  • मूत्राशय की मरम्मत
  • फ्लैप कवर और स्किन ग्राफ्टिंग भी की गई

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मशीन से कटकर अलग हुआ प्राइवेट पार्ट सफलतापूर्वक जोड़ा। प्रतापगढ़ जिले के निवासी मरीज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर के चिकित्सकों ने नई उम्मीद जगाई। मशीन पर काम करते समय हुए एक गंभीर हादसे में उनका लिंग शरीर से पूरी तरह अलग हो गया था। दुर्घटना में मूत्राशय को भी गंभीर चोट पहुंची थी। गंभीर स्थिति में मरीज को उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया,जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया।

कार की टक्कर से नीचे गिरे बाइक सवार युवक को ट्रैक्टर ने कुचला

मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉ.रजनीश गालवा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने जटिल पेनाइल रीइम्प्लांटेशन सर्जरी की। इस प्रक्रिया में कटकर अलग हुए अंग को अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञ तकनीक के साथ पुनः जोड़ा गया। यह ऑपरेशन चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण था,क्योंकि चोट के साथ-साथ मूत्राशय और आसपास के ऊतकों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था।

यूरोलॉजी विभाग के डॉ. छँवर लाल ने मूत्राशय की चोट की सफलता पूर्वक मरम्मत की। ऑपरेशन के दौरान मूत्राशय के खुले और क्षतिग्रस्त हिस्से को ढकने के लिएप्लास्टिक सर्जरी से फ्लैप कवर किया गया।

इसके बाद लिंग के शाफ्ट पर स्किन ग्राफ्टिंग की गई,ताकि क्षतिग्रस्त त्वचा और ऊतकों का पुनर्निर्माण किया जा सके। डॉ गालवा ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना,तत्काल उपचार और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है।

इस जटिल एवं बहु- विभागीय सर्जरी में सर्जरी विभाग से डॉ.सोहन जयपाल और डॉ.अवधेश शर्मा ने सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ.राकेश कर्णावत, डॉ.सरिता जनवेजा,डॉ. अनिशा और डॉ.जितेंद्र शामिल रहे। वहीं नर्सिंग अधिकारी अरविंद अपूर्व,दिनेश गालवा और गणपत खींची ने उपचार एवं ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन के बाद मरीज को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। उपचार के दौरान उसकी स्थिति स्थिर रही और स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा गया। आवश्यक देखभाल एवं फॉलोअप की सलाह के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने परिजनों को नियमित जांच और निर्धारित सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है।

मरीज का पूरा उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) के तहत निशुल्क किया गया। इससे मरीज के परिवार को आर्थिक राहत भी मिली। अस्पताल प्रशासन के अनुसार,गंभीर दुर्घटना के बाद मरीज को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिलने से यह जटिल सर्जरी संभव हो सकी।

इस सफल ऑपरेशन पर महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ.फतह सिंह भाटी और प्राचार्य डॉ.बीएस जोधा ने डॉ. रजनीश गालवा सहित पूरी चिकित्सकीय एवं नर्सिंग टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह सफलता विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास, चिकित्सकों की विशेषज्ञता और पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। अस्पताल प्रशासन ने इसे जटिल दुर्घटना के मामलों में आधुनिक चिकित्सा,रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और टीमवर्क का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।