मारवाड़ महोत्सव में दिखा लोक संस्कृति और परंपराओं का संगम
- सूर्य आराधना के साथ मारवाड़ महोत्सव का आगाज
- हेरिटेज वॉक निकाली -बीएसएफ का कैमल टेटू शो और सैन्य शस्त्र प्रदर्शनी का आयोजन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मारवाड़ महोत्सव में दिखा लोक संस्कृति और परंपराओं का संगम। पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय मारवाड़ महोत्सव 2026 का आगाज आज सुबह सूर्य आराधना के साथ हुआ। इस दौरान हेरिटेज वॉक शोभायात्रा,बीएस एफ का कैमल टेटू शो और सैन्य शस्त्र प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।
दोपहर में विभिन्न प्रतियोगिता सहित कई प्रोग्राम हुए। फेस्टिवल को राजस्थान की अलग- अलग संस्कृति की थीम पर आधारित किया गया है। यह दो दिवसीय उत्सव परंपरा,संस्कृति और लोक जीवन की झलक प्रस्तुत करेगा। राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा मारवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति,गौरवशाली परंपराओं और जीवंत लोक कलाओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आज से दो दिवसीय मारवाड़ महोत्सव शुरू हुआ।
महोत्सव के प्रथम दिन मेहरानगढ़ पर सूर्य आराधना के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। सुबह दुर्ग से क्लॉक टावर तक हेरिटेज वॉक निकाली गई। इसके पश्चात क्लॉक टावर से राजकीय उम्मेद स्टेडियम तक शोभायात्रा निकाली गई,जिसमें मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक रंगों की झलक देखने को मिली।
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राजकीय उम्मेद स्टेडियम में बीएसएफ केमल्स टैटू शो एवं हथियार प्रदर्शनी के साथ पतंग प्रदर्शन एवं पतंगबाजी,सैंड आर्ट और लाइव पेंटिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की गई। इस दौरान मूंछ प्रतियोगिता,साफा बांधने, मिस मारवाड़,मारवाड़ श्री,रस्साकशी एवं मटका दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रही।
इसके साथ ही विभिन्न पर्यटक स्थलों पर लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी गई। सम्राट अशोक उद्यान में हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसी स्थल पर आज शाम सांस्कृतिक संध्या में पीयूष पंवार (इंडियन आईडल फेम) एवं लोक कलाकारों सहित विभिन्न कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी।
दूसरे दिन यह होंगे कार्यकम:-
महोत्सव के दूसरे दिन 25 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शोभायात्रा तथा दोपहर 3 बजे से ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। ओसियां के रेतीले धोरों में दोपहर 3 से शाम 6.30 बजे तक पतंग प्रदर्शन एवं पतंगबाजी,शाम 4 से 7 बजे तक कैमल सफारी तथा शाम 4 से रात 9 बजे तक फूड एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। शाम 7 से रात 9 बजे तक सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम के समापन पर ओसियां गांव के धोरों पर आतिशबाजी भी की जाएगी।
