उपचार में तकनीक के साथ चिकित्सक की सहानुभूति भी अहम: डॉ. खेरा

डॉ.कांतिचंद्र जोशी स्मृति तीसरा व्याख्यान आयोजित

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),उपचार में तकनीक के साथ चिकित्सक की सहानुभूति भी अहम: डॉ. खेरा। मरीज के उपचार में चिकित्सकीय कौशल और तकनीक के साथ चिकित्सक की सहानुभूति भी अहम भूमिका निभाती है। यह बात एम्स जोधपुर की शिशु रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ.डैजी खेरा ने कही।

वे बुधवार को डॉ. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज सभागार में केएचएम स्मृति अभियान ट्रस्ट और जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की ओर से आयोजित तीसरे डॉ.कांतिचंद्र जोशी स्मृति व्याख्यान में ‘जर्नी ऑफ पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर’ विषय पर बोल रही थीं।

डॉ.खेरा ने कहा कि पोलियो के पहले मामले से लेकर अब तक तकनीक बहुत बढ़ी है, लेकिन दवा के साथ चिकित्सक का मानवीय व्यवहार भी इलाज में कारगर होता है। उन्होंने बताया कि 2014 में शुरू हुआ एम्स जोधपुर का शिशु आईसीयू आज 17 बेड के साथ नए एम्स में रायपुर के बाद दूसरे स्थान पर है।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने की। मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.बीएस जोधा ने कहा कि जोधपुर मारवाड़ के लिए उपचार का सहज केंद्र बन रहा है। विशिष्ट अतिथि डॉ. मोहन मकवाना,डॉ.अरविंद माथुर और डॉ.जयराम रावतानी ने भी विचार व्यक्त किए।

ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ.श्वेता पुरोहित और जेएसपीएच अध्यक्ष डॉ.अनिल पुरोहित ने बताया कि डॉ. जोशी की सेवाभावना को बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष यह व्याख्यान आयोजित होता है। संचालन भानु पुरोहित ने किया।