IMA जोधपुर ने किया AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),IMA जोधपुर ने किया AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त । इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जोधपुर ने AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ.राज नरेश यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। IMA जोधपुर के सचिव डॉ प्रदीप जैन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वे रेजिडेंट के परिजनों,मित्रों और सहकर्मियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद एम्स में हड़ताल

रिपोर्ट्स में इस घटना को संदिग्ध आत्महत्या बताया जा रहा है,लेकिन मामले की जांच जारी है। हम सभी से अपील करते हैं कि परिवार की निजता का सम्मान करें और कारणों को लेकर किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं।

यह केवल शोक जताने का विषय नहीं है। रेजिडेंट डॉक्टरों को ऐसा कार्य वातावरण मिलना चाहिए जो उनके स्वास्थ्य, सम्मान और मरीजों की सुरक्षित देखभाल की क्षमता की रक्षा करे। अत्यधिक ड्यूटी शेड्यूल, आराम का अभाव, खुलकर बोलने का डर और गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सहायता का न मिलना,ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सभी मेडिकल संस्थानों को गंभीरता से ध्यान देना होगा। NMC के PG रेगुलेशन में भी कार्य घंटों और दैनिक आराम का स्पष्ट प्रावधान है,और उसकी टास्क फोर्स ने मेडिकल छात्रों के लिए गोपनीय मेंटल हेल्थ सपोर्ट की आवश्यकता पर जोर दिया है।

IMA जोधपुर की मांगें 
1.इस घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो और निष्कर्ष परिवार के साथ साझा किए जाएं। जांच पूर्ण होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचा जाए।

2.रेजिडेंट ड्यूटी रोस्टर, लगातार ड्यूटी के घंटे, नाइट ड्यूटी के बाद आराम और साप्ताहिक अवकाश की तत्काल समीक्षा कर सुरक्षित प्रावधान लागू किए जाएं।

3.पर्याप्त स्टाफिंग सुनिश्चित हो ताकि रेजिडेंट्स को नियमित रूप से लंबी शिफ्ट कर कमी पूरी न करनी पड़े।

4.रेजिडेंट्स की रिपोर्टिंग चेन से अलग,गोपनीय और आसानी से उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता,बिना किसी स्टिग्मा या प्रतिशोध के भय के।

5.हर टीचिंग हॉस्पिटल में रेजिडेंट प्रतिनिधित्व के साथ सुरक्षित शिकायत प्रणाली और कार्रवाई की स्पष्ट समयसीमा हो।

6.इन उपायों की अस्पताल प्रबंधन, सरकार और मेडिकल शिक्षा प्राधिकरण द्वारा नियमित समीक्षा हो।

IMA जोधपुर इन सुधारों के लिए रेजिडेंट डॉक्टरों, AIIMS जोधपुर और अन्य टीचिंग संस्थानों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। मानवीय प्रशिक्षण स्थितियों की मांग करना युवा डॉक्टरों और उनके मरीजों दोनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।