भारत सरकार को बीच में लाने की क्या जरूरत?:शेखावत

सोनिया गांधी के पुस्तक विवाद पर शेखावत का कांग्रेस पर वार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भारत सरकार को बीच में लाने की क्या जरूरत?:शेखावत। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुस्तक के प्रकाशक को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि लेखक और प्रकाशक के बीच के मतभेद को राजनीतिक मुद्दा बनाने और उसमें भारत सरकार को घसीटने की कोई आवश्यकता नहीं है।

शनिवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि यदि लेखक और प्रकाशक के बीच किसी मुद्दे को लेकर अंतरविरोध है तो दोनों पक्षों के अपने-अपने विचार और हित हो सकते हैं। ऐसे में इसका समाधान तलाशने के बजाय राजनीति करना उचित नहीं है।

लेखक और प्रकाशक के बीच में कहीं अंतरविरोध हो,प्रकाशक का अपना प्रपोजिटिव हो सकता है और लेखक का अपना व्यू-प्वाइंट हो सकता है। ऐसे में उस पर राजनीति करने के बजाय किसी और प्रकाशक को ढूंढ लेते। इसमें भारत सरकार को बीच में लाने की कहां आवश्यकता है?

भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी,गहलोत को फिर करनी पड़ेगी समीक्षा 
राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों को लेकर शेखावत ने कहा कि उन्हें 100 प्रतिशत विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी केवल जयपुर ही नहीं,बल्कि पूरे राजस्थान में प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीतने वाली है।

भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अगले 10-12 दिनों में जब चुनाव परिणाम सामने आएंगे, तब कांग्रेस को अपनी स्थिति पर फिर से विचार करना पड़ेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए शेखावत ने कहा कि गहलोत साहब इस बार फिर समीक्षा करने के लिए तैयार रहें कि उनकी पार्टी में क्या सिर-फुटव्वल था कि उनके जो रुझान थे,वे गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम कांग्रेस के दावों और उसके आकलन की वास्तविकता सामने रख देंगे।