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उपभोक्ता को गलत बिजली बिल भेजना सेवा में त्रुटि

जिला उपभोक्ता आयोग का बिल निरस्त करने का आदेश बरकरार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),उपभोक्ता को गलत बिजली बिल भेजना सेवा में त्रुटि। राज्य उपभोक्ता आयोग, जोधपुर पीठ ने गलत बिजली बिल भेजने के मामले में विद्युत विभाग की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय को उचित माना है। आयोग ने बिजली बिल निरस्त करने के आदेश को बरकरार रखा, जबकि मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाई गई 20 हजार रुपए की राशि को माफ कर दिया।

आयोग के सदस्य न्यायिक अरुण अग्रवाल एवं सदस्य लियाकत अली ने सहायक अभियंता,चौपासनी हाउसिंग बोर्ड की ओर से प्रस्तुत अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया।

मामले के अनुसार चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी परिवादिय सुषमा वैष्णव के घर लगे विद्युत कनेक्शन का बिल वास्तविक खपत की तुलना में 5225 यूनिट अधिक भेज दिया गया था। इस पर परिवादिय ने जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया। जिला आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए संबंधित बिजली बिल को निरस्त करने के आदेश दिए थे। मानसिक हर्जाने के रूप में 20 हजार रुपए की राशि दिलाई गई थी।

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जिला आयोग के आदेश के विरुद्ध विद्युत विभाग ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील प्रस्तुत की। राज्य आयोग ने पत्रावली में उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जिला आयोग द्वारा बिजली बिल निरस्त किए जाने के निर्णय को उचित माना। आयोग ने गलत बिल जारी करने को सेवा में त्रुटि मानते हुए बिल निरस्त करने के आदेश को बरकरार रखा।

हालांकि मानसिक हर्जाने के रूप में दी गई 20 हजार रुपए की राशि को समाप्त कर दिया। विद्युत विभाग की ओर से अधिवक्ता राजकुमार गहलोत तथा विपक्षी की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह उपस्थित हुए।