जोधपुर मंडल में बन रहा देश का पहला आरडीएसओ डेडीकेटेड टेस्ट ट्रैक
हाई स्पीड रोलिंग स्टॉक का होगा परीक्षण
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर मंडल में बन रहा देश का पहला आरडीएसओ डेडीकेटेड टेस्ट ट्रैक। भारतीय रेलवे में हाई स्पीड ट्रेनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए रोलिंग स्टॉक के परीक्षण के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना विकसित की जा रही है। इसी दिशा में देश का पहला आरडी एसओ डेडीकेटेड हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में गुढ़ा-ठठाना- मीठड़ी के बीच 64 किलोमीटर लंबाई में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 967 करोड़ रुपए है।
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मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी नए रोलिंग स्टॉक को रेलवे नेटवर्क पर संचालित करने से पहले उसका व्यापक एवं वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से यह अत्याधुनिक टेस्ट ट्रैक विकसित किया जा रहा है,जहां देश- विदेश में निर्मित विभिन्न प्रकार के रोलिंग स्टॉक का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना में 220 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुरूप ओवरहेड विद्युत प्रणाली (ओएचई) तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था विकसित की जा रही है। यहां वाहनों का स्थिर एवं गतिशील मूल्यांकन,सुरक्षा मानकों का परीक्षण,रेल-व्हील इंटरैक्शन फोर्स अध्ययन,दुर्घटना योग्यता परीक्षण,स्थिरता परीक्षण, ट्विस्ट एवं यॉ परीक्षण,लचीले पन गुणांक परीक्षण,व्हील ऑफ लोडिंग परीक्षण,एक्स-फैक्टर परीक्षण,बोगी रोटेशनल प्रतिरोध परीक्षण तथा विभिन्न घटकों के त्वरित परीक्षण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अतिरिक्त ट्रैक अवयवों,पुलों,ट्रैक्शन वितरण (टीआरडी) उपकरणों,सिग्नलिंग गियर तथा भू-तकनीकी अध्ययनों के परीक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना में 7 बड़े पुल,130 छोटे पुल तथा 4 स्टेशन (गुढ़ा,जबडी नगर,नावां एवं मीठड़ी) शामिल हैं।
ट्विस्टेड ट्रैक पर इंजन ट्रायल सफलता पूर्वक पूरा किया जा चुका है तथा संपूर्ण परियोजना को सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि इस टेस्ट ट्रैक के पूर्ण होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा,जहां रोलिंग स्टॉक के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यापक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
64 किलोमीटर लंबाई वाला यह ट्रैक विश्व के सबसे लंबे समर्पित हाई स्पीड टेस्ट ट्रैकों में से एक होगा,जिससे भारतीय रेलवे को भविष्य की हाई स्पीड एवं अत्याधुनिक ट्रेनों के परीक्षण में आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी। इस टेस्ट ट्रैक पर किए जाने वाले परीक्षणों से संसाधनों के अधिकतम उपयोग, परिचालन दक्षता में वृद्धि तथा रेल संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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