आयुर्वेद विवि ने मण्डोर गार्डन में लगाया जागरूकता शिविर
विश्व अस्थमा दिवस
- 176 लोगों को दी होम्योपैथी की सलाह
- इनहेलर की उपलब्धता पर दिया जोर
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आयुर्वेद विवि ने मण्डोर गार्डन में लगाया जागरूकता शिविर। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी ने विश्व अस्थमा दिवस पर मण्डोर गार्डन में जागरूकता शिविर लगाया।
176 लोगों को मिला लाभ
होम्योपैथी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ.गौरव नागर ने बताया कि शिविर में प्रो.डॉ.राजेश कुमावत और डॉ. राकेश कुमार मीना के नेतृत्व में चतुर्थ वर्ष की छात्राओं कंचन मीणा,मुस्कान खान,निकिता सोनी, दिशा कंवर,कशिश और रेखा यादव ने लोगों को अस्थमा से बचाव की जानकारी दी। करीब 176 लोगों को परामर्श देकर लाभान्वित किया गया।
आयुर्वेद विवि में लैक्टेशन इंसफिशिएंसी पर चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट का निरीक्षण
2026 की थीम: हर मरीज तक इनहेलर पहुंचे
डॉ.राजेश कुमावत और डॉ.राकेश मीना ने बताया कि विश्व अस्थमा दिवस हर साल मई के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इसे ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा आयोजित करता है। 2026 की थीम है-“अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर की उपलब्धता”।
क्यों बढ़ रहे अस्थमा के केस
चिकित्सकों ने बताया कि वायु प्रदूषण,धूल,धुआं और हानिकारक कण अस्थमा के मरीज तेजी से बढ़ा रहे हैं। ठंडा और गर्म दोनों मौसम अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक हैं।
लक्षण:-
सांस फूलना,घबराहट,छाती में जकड़न और खांसी।
बचाव:-
बाहर निकलते समय मास्क पहनें, धूल-धुएं से दूर रहें।
क्या खाएं:-
विटामिन-सी,विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल-सेब, संतरा,पपीता,अंगूर,अनार फेफड़ों की सूजन कम करते हैं। हरी सब्जियों में पालक और अदरक भी फायदेमंद हैं।
होम्योपैथी का संदेश
समय पर जांच,इनहेलर का सही इस्तेमाल और खानपान में सावधानी से अस्थमा को कंट्रोल किया जा सकता है। शिविर के जरिए लोगों को अस्थमा के साथ भी सामान्य जीवन संभव है का भरोसा दिया गया।
