आर्य समाज फोर्ट ने किया सामूहिक वैदिक यज्ञ का आयोजन

  • अंतरराष्ट्रीय यज्ञ दिवस
  • आर्य समाज फोर्ट व आर्य वीर दल के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम -विद्वानों ने यज्ञ के वैज्ञानिक व सामाजिक महत्व पर रखे विचार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आर्य समाज फोर्ट ने किया सामूहिक वैदिक यज्ञ का आयोजन। अंतरराष्ट्रीय यज्ञ दिवस पर रविवार को गोलनाडी उम्मेद चौक स्थित आर्य समाज फोर्ट एवं आर्य वीर दल महावीर शाखा के तत्वावधान में सामूहिक वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आर्य वीर-वीरांगनाओं व समाजजन ने भाग लेकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

आर्य समाज फोर्ट के प्रधान गणपत सिंह आर्य ने बताया कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं,बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है,जो पर्यावरण शुद्धि के साथ-साथ मानसिक एवं सामाजिक संतुलन स्थापित करने में सहायक है। इस अवसर पर उपस्थित विद्वानों ने यज्ञ के महत्व पर वैदिक विचार व्यक्त करते हुए इसे जीवनशैली में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आर्य वीर दल राजस्थान के संरक्षक चांदमल आर्य ने चार आश्रम व्यवस्था में ब्रह्मचर्य आश्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जीवन की सही दिशा और अनुशासन की नींव इसी अवस्था में रखी जाती है। उन्होंने समय पालन,संयम,स्वाध्याय और इदन्न मम की भावना के साथ यज्ञमय जीवन जीने की प्रेरणा दी। जितेन्द्र सिंह ने यज्ञ में प्रयुक्त तीन प्रकार की समिधाओं का उदाहरण देते हुए मानव जीवन के तीन प्रकार के व्यक्तित्वों का वर्णन किया।

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उन्होंने बताया कि प्रथम प्रकार के लोग निस्वार्थ भाव से समाज व राष्ट्रहित में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं,द्वितीय प्रकार के लोग कार्य तो करते हैं,परंतु दिखावे और प्रशंसा के लिए,जबकि तृतीय प्रकार के लोग न स्वयं कार्य करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं। यज्ञ का संचालन उम्मेद सिंह आर्य ने किया। उन्होंने बताया कि यज्ञ को परमात्मा का मुख माना गया है तथा इसमें आहूत की जाने वाली औषधियुक्त सामग्री और शुद्ध घृत वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

उन्होंने सभी से अपील की कि जन्मदिन,विवाह वर्षगांठ जैसे अवसरों पर घर-घर यज्ञ का आयोजन किया जाए। इस अवसर पर विक्रम सिंह चौहान,गणपत सिंह,उम्मेद सिंह आर्य,राजेंद्र मेहरा, देव आर्य,खुशवंत चौहान,राज सिंह, सूर्यवीर सिंह,इशांत बेस,हिमांशु सोनी,नैतिक मेहरा,कुशाल सोनी, ऋषि सोनी,युवराज पुरी,भूमिका आर्या,लक्षिता सहित अनेक आर्य वीर-वीरांगनाएं उपस्थित थे।