मेड़तारोड में 60 करोड़ से विकसित हो रहा राजस्थान का पहला मेमू रेलवे शेड

  • छोटे स्टेशनों की बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से रेल सेवाओं का आधुनिकीकरण
  • जल्द ही डीजल संचालित डेमू का स्थान लेगी इलेक्ट्रिक मेमू

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मेड़तारोड में 60 करोड़ से विकसित हो रहा राजस्थान का पहला मेमू रेलवे शेड।उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत मेड़ता रोड जंक्शन पर प्रदेश का पहला मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट मेमू शेड विकसित किया जा रहा है। करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही यह परियोजना क्षेत्र में रेल सेवाओं के आधुनिकीकरण तथा विद्युतीकरण के बाद बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार,वर्तमान में मेड़ता रोड पर कार शेड संचालित है,जहां डीजल आधारित ट्रेनों का नियमित अनुरक्षण एवं होमिंग किया जाता है। रेलवे द्वारा अब इसे आधुनिक मेमू शेड में परिवर्तित किया जा रहा है,जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन और रखरखाव की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

तकनीकी कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से इस परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया गया था,जो वर्तमान में प्रगति पर है। अपग्रेडेशन के तहत पिट लाइनों का विद्युतीकरण,ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन कार्य,सिविल संरचनाओं का निर्माण तथा मेमू रेक के अनुरक्षण के लिए आवश्यक आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा व्हील लेथ,इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस सिस्टम तथा अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि फिलहाल मेड़ता रोड शेड डेमू ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए कार्यरत है।यहां दो पिट लाइनों सहित न्यूमैटिक,हाई प्रेशर एवं लुब्रिकेशन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेमू शेड के रूप में इसकी पूर्ण क्षमता अपग्रेडेशन कार्य पूर्ण होने के बाद ही उपलब्ध हो सकेगी।

राजस्थान में पहली बार मेमू शेड
मेड़ता रोड पर विकसित हो रहा यह शेड राजस्थान का पहला मेमू शेड होगा। इसके शुरू होने से उत्तर पश्चिम रेलवे में मेमू ट्रेनों के अनुरक्षण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अनुमान है कि इस शेड के माध्यम से करीब 50 रेक के रखरखाव की सुविधा विकसित हो सकेगी।

डेमू से मेमू की ओर बदलाव
रेलवे द्वारा डीजल आधारित ट्रेनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में मेड़ता रोड मेमू शेड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ईंधन खर्च कम होने से रेलवे की परिचालन लागत में भी कमी आएगी।

विद्युतीकरण के बाद बढ़ी जरूरत
जोधपुर मंडल के अधिकांश रेल खंडों-भीलड़ी,समदड़ी,लूनी,जोधपुर,बाड़मेर,जैसलमेर,रतनगढ़ एवं मेड़ता रोड रेल मार्गों का विद्युतीकरण लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में मेमू ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ गई है और उनके अनुरक्षण के लिए आधुनिक शेड की आवश्यकता महसूस की जा रही थी,जिसे यह परियोजना पूरा करेगी।

यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
मेमू शेड के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद जोधपुर मंडल में इन ट्रेनों का संचालन तेजी से बढ़ेगा। इससे जोधपुर-भीलड़ी,पालनपुर,रतनगढ़,बाड़मेर एवं जैसलमेर सहित विभिन्न रूटों पर यात्रियों को अधिक तेज, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। मेमू ट्रेनों की बेहतर संचालन क्षमता के कारण स्टॉपेज के बीच समय कम लगेगा, जिससे कुल यात्रा समय में कमी आएगी। ट्रेनों की समयपालनता में भी सुधार होने की संभावना है।

Related posts:

नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री के खिलाफ सघन अभियान

July 16, 2026

महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम में कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

July 16, 2026

कार सवार युवकों से मारपीट के आरोपी कोर्ट में पेश

July 16, 2026

सीसीटीवी की मदद से मिनटों में मिला जेवर नकदी व दस्तावेजों से भरा बैग

July 16, 2026

अभय कमांड सेंटर की सतर्क निगरानी से डीपी चोरी का प्रयास विफल

July 16, 2026

एक ही भूखंड दो लोगों को बेचने का आरोप कोर्ट से मिले इस्तगासे पर केस दर्ज

July 16, 2026

हर्षोल्लास से मनाया ज्ञानोदय स्कूल का स्थापना दिवस

July 16, 2026

प्रो.गोविंद गुप्ता ने आयुर्वेद विवि कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण किया

July 16, 2026

राजकीय नर्सिंग कॉलेज में अंगदान महादान पर हुई प्रतियोगिता

July 16, 2026