अंत्योदय के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता-गहलोत
- जोधपुर में विभागीय योजनाओं की समीक्षा
- पारदर्शिता,संवेदनशीलता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अंत्योदय के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता- गहलोत। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत ने गुरुवार को अपने संक्षिप्त जोधपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस के सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पात्रता सत्यापन,लंबित प्रकरणों के निस्तारण एवं भुगतान की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें
गहलोत ने मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना,मुख्यमंत्री एकलनारी सम्मान पेंशन योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना,लघु एवं सीमान्त कृषक वृद्धजन पेंशन योजना एवं सिलिकोसिस पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने न पाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन,वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन,पालनहार योजना, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना, छात्रावास योजना,डॉ.सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर दिशा-निर्देश प्रदान किए।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाएं
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है,इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता या देरी न हो तथा कार्यों में गुणवत्ता एवं संवेदनशीलता सुनिश्चित की जाए।
योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं नवाचार पर जोर,अधिकारियों से सुझाव भी मांगे
उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार- प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि आमजन को योजनाओं के प्रति जागरूक करना आवश्यक है, ताकि अधिकाधिक पात्र लाभार्थी इनसे जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर पात्र व्यक्तियों की पहचान करें एवं उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करें।
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नियमित समीक्षा,नवाचार एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश
गहलोत ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति की सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने विभागीय कार्यों में सुधार एवं नवाचार के लिए अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है,ऐसे में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है कि वह समाज के वंचित,कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे।
इस दौरान अविनाश गहलोत ने मीडिया से संवाद कर विभाग की विभिन्न योजनाओं,कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी साझा की। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर-प्रथम) अंजुम ताहिर सम्मा,निजी सचिव रोहित कुमार,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल व्यास सहित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
