केसर की खेती का प्रलोभन देकर पिता-पुत्र और पुत्री पर कईयों से धोखाधड़ी का आरोप
- सोशल मीडिया पर भी झूठा और भ्रामक प्रचार प्रसार किया
- सेटअप लगाने के नाम पर दस लाख का फ्रॉड
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),केसर की खेती का प्रलोभन देकर पिता-पुत्र और पुत्री पर कईयों से धोखाधड़ी का आरोप। शहर के सूरसागर स्थित राजबाग में रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति को पिता पुत्र और पुत्री ने मिलकर धोखाधड़ी की। पीडि़त को केसर की खेती का प्रलोभन देकर दस लाख तक का इंवेस्टमेंट करवाने के साथ फ्रॉड कर लिया। इसके अलावा कई अन्य पीडि़त भी है। हालांंकि मामला एक ही दर्ज हुआ है। घटना को लेकर नागौरी गेट पुलिस जांच में जुटी है।
नागौरी गेट पुलिस ने बताया कि राजबाग सूरसागर निवासी किशन लाल पुत्र नथमल गहलोत की तरफ से रिपोर्ट दी गई। इसमें बताया कि उनकी पहचान सेवाराम शर्मा नाम के शख्स से है। उसके बेटे अक्षत और पुत्री मोल्ली ने केसर की खेती के बारे में बताया था। इन लोगों द्वारा केसर खेती को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी प्रचार प्रसार किया गया। चूंकि सेवाराम उनके मिलने वाले थे और बेटा बेटी से पहचान हो गई। तब उन्होंने केसर के बारे में कहा कि उसे कश्मीर से बाहर से मंगवाने के लिए सेफरान एक्ट लागू है जिस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। उन्होंने केसर खेती के बारे जानकारी दी कि वे इसके लिए सेटअप लगाकर देंगे साथ ही उसका अच्छा मार्जिन भी मिलेगा।
केसर को एक्सपोर्ट भी किया जा सकता है। दस किलो तक एक्सपोर्ट कर सकते हैं,जिससे दस लाख तक का मुनाफा मिलेगा। इन लोगों ने उनसे 25 हजार रुपए पहले ले लिए फिर सेटअप लगाने के नाम पर लाखों का इंवेस्टमेंट करवा दिया।
परिवादी किशनलाल ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने समझाया कि एग्रोफोनिक सिस्टम से केसर की खेती की जा सकती है। उत्पादन भी खुद कर सकते हैं। इसके बीज 14-15 सौ रुपए किलो के भाव से बिकते है। बाद में खुद का उत्पादन करने से बीजों से फिर बीज तैयार कर सकते हैं। इस पर जीएसटी चार्ज भी शून्य होता है। बाद में परिवादी को पता लगा कि केसर को कश्मीर के बाहर से मंगवाने पर कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
सेटअप के लिए सारा सामान अभियुक्तों द्वारा ही उनकी वास्तविक कीमतो पर दिलवाने की बात कही गयी एवं बीज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वास्तविक मूल्य पर उपलब्ध करवाएंगे व केसर के फूल से केशर निकालने तक हर कदम पर गाइड करेंगे। यह भी बताया गया कि बीज आपके यानी परिवादी के पते पर कुरियर से आयेंगे। इसमें जीएसटी शून्य है।
आरोपियों की बातों में आकर परिवादी किशनलाल ने दस लाख का इंवेस्टमेंट कर दिया। मगर बाद में वे टालमटोल जवाब देते रहे। उन्हें गुमराह और मन्त्रित किया गया,जबकि उन लोगों को पता था कि बीज कानूनन नहीं मंगाए जा सकते हैं। उन्होंने हल्के बीज और सस्ती दर वाले उपलब्ध करवाए, साथ ही सेटअप के लिए लगाई ट्यूब लाइट की कीमत 875 रुपए वसूली गई जो बाजार में 500 की है। इस तरह साजो सामान पर भी ज्यादा पैसे वसूल किए। रिपोर्ट में आरोप है कि दस लाख का इंवेस्टमेंट करवाने के नाम पर फ्रॉड किया गया,पांच छह अन्य लोगों को भी इसका शिकार बनाया गया है।
