केंद्रीय बजट पर संगोष्ठी में उद्योग व कर विशेषज्ञों ने की चर्चा
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),केंद्रीय बजट पर संगोष्ठी में उद्योग व कर विशेषज्ञों ने की चर्चा। जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन एवं टैक्स बार एसोसिएशन,जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2026- 27 पर आधारित एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी बुधवार को जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में हुई। जिस संगोष्ठी में जोधपुर सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उद्योगपति,व्यापारी, निर्यातक,चार्टर्ड अकाउंटेंट्स,टैक्स कंसल्टेंट्स एवं युवा उद्यमियों ने भाग लिया।
संगोष्ठी में केंद्रीय बजट 2026-27 के माध्यम से कर कानूनों में किए गए प्रमुख संशोधनों तथा उनके व्यापार एवं उद्योग जगत पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई,जिससे प्रतिभागियों को बजटीय प्रावधानों की व्यावहारिक एवं नीतिगत जानकारी मिली।
संगोष्ठी के प्रारंभ में जेआईए के अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने अतिथियों एवं उद्यमियों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 देश के औद्योगिक विकास,व्यापारिक सुगमता तथा कर प्रणाली के सरलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण,दूरदर्शी एवं विकासोन्मुख बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक एवं ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बजट में उद्योग एवं व्यापार जगत के लिए कर संरचना को सरल बनाने,अनुपालन प्रक्रियाओं को सहज करने तथा अनुपालन लागत को कम करने से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं,जिससे ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को नई गति मिलेगी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बजट के विभिन्न प्रावधानों की सही व्याख्या तथा समयबद्ध अनुपालन से उद्योग एवं व्यापार जगत को वास्तविक,स्थायी एवं दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं।
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इसी उद्देश्य से देश के प्रतिष्ठित कर विशेषज्ञ एडवोकेट एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ.अर्पित हल्दिया, चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सोगानी एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रदीप जैन को इस संगोष्ठी में आमंत्रित किया गया, ताकि वे उद्योग जगत को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों से संबंधित प्रावधानों पर व्यावहारिक,स्पष्ट एवं उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। आज की यह संगोष्ठी उपस्थित सभी उद्यमियों के लिए कर संरचना को बेहतर ढंग से समझने तथा उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायक सिद्ध होगी।
संगोष्ठी के प्रारंभ में टैक्स बार एसोसिएशन,जोधपुर के सचिव सीए अंकित मालानी ने संगोष्ठी के सभी वक्ताओं का संक्षिप्त एवं प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि टैक्स बार एसोसिएशन समय-समय पर व्यापारियों,उद्योगपतियों एवं टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए इस प्रकार के ज्ञानवर्धक,प्रासंगिक एवं उपयोगी सेमिनारों का निरंतर आयोजन करता रहा है,जिससे सदस्यों को नवीन कर प्रावधानों,नीतिगत परिवर्तनों एवं व्यावहारिक पहलुओं की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके।
सीए मालानी ने जानकारी दी कि टैक्स बार एसोसिएशन शीघ्र ही अपने सभी सदस्यों के लिए एक विशेष आइडेंटिटी कार्ड लॉन्च करने जा रही है,जिसका उपयोग पहचान के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल सदस्यों की सुविधा बढ़ाने के साथ- साथ उनकी प्रोफेशनल पहचान को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
संगोष्ठी में एडवोकेट एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ.अर्पित हल्दिया ने जीएसटी से संबंधित अप्रत्यक्ष करों पर एक विस्तृत,तकनीकी एवं जानकारी पूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 में जीएसटी से जुड़े प्रमुख संशोधनों, कार्यप्रणाली में किए गए सुधारों व उनके प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सोगानी ने प्रत्यक्ष करों पर अपने व्याख्यान में बजट 2026-27 में किए गए प्रमुख सुधारों एवं करदाताओं को प्रदान की गई राहतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में आयकर प्रावधानों में पारदर्शिता बढ़ाने,रिटर्न फाइलिंग एवं संशोधन की समय-सीमा को सरल और व्यावहारिक बनाने,कर अनुपालन को सहज करने तथा कर विवादों को कम करने की दिशा में विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने नये आयकर कानून 2025 के बारे में भी जानकारी दी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रदीप जैन ने कस्टम से जुड़े अप्रत्यक्ष करों पर अपने व्याख्यान में आयात-निर्यात नीति,शुल्क संरचना में किए गए बदलावों तथा लॉजिस्टिक्स लागत कम करने से संबंधित प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बजट में आयात-निर्यात प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने, कुछ वस्तुओं पर सीमा शुल्क में तर्कसंगत संशोधन करने तथा घरेलू उद्योग को संरक्षण प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं।
संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों द्वारा बजट से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक प्रश्न पूछे गए,जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार पूर्वक समाधान प्रस्तुत किया। प्रश्नोत्तर सत्र को उपस्थित सदस्यों ने अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का संचालन जेआईए सचिव सोनू भार्गव ने किया।
संगोष्ठी के समापन अवसर पर टैक्स बार एसोसिएशन,जोधपुर के अध्यक्ष सीए अजय सोनी ने सभी वक्ताओं,अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उद्योग एवं व्यापार जगत को नीतिगत निर्णयों की सही एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करते हैं तथा उनके प्रभावों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे उद्यमियों को भविष्य की रणनीति तय करने में मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए यह भी जानकारी दी कि टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा शीघ्र ही एक पोस्ट-बजट मेमोरेंडम प्रस्तुत किया जाएगा,जिसमें रेट्रोस्पेक्टिव संशोधनों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर जेआईए पूर्व अध्यक्ष किशनलाल गर्ग,वरिष्ठ उद्यमी जवाहरलाल मूंदडा, उपाध्यक्ष अरूण जैसलमेरिया,सह सचिव दीपक जैन,निवर्तमान सचिव सीएस मंत्री,उद्यमी जुगल किशोर परिहार सहित टैक्स बार एसोसिएशन के राकेश भण्डारी,वी पी डागा,प्रवीण राठी,आशीष माहेश्वरी,राजकुमार जैन सहित अनेक उद्यमी एंव चार्टर्ड एकाउंटेंट उपस्थित थे।
