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ऐश्वर्या कॉलेज में सीपीआर पर कार्यशाला आयोजित

जोधपुर,ऐश्वर्या कॉलेज में शनिवार को कार्डियोपल्मोनरी रिसिटिऐशन (सीपीआर)तकनीक पर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें डॉ.राजेन्द्र तातेड़ व डॉ.रवीश कुमार ने कॉलेज के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को हार्ट अटैक,हार्ट फेलियर,कार्डियक अरेस्ट,पानी में डूबने, करन्ट लगने आदि परिस्थितियों में जीवन रक्षक प्रणाली सीपीआर की प्रक्रिया से अवगत कराया। प्रैक्टिल सत्र के द्वारा इस तकनीक की बारीकियां समझाई।

कॉलेज की एनएसएस यूनिट के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ ऋषि नेपालिया,प्रशिक्षक डॉ राजेन्द्र तातेड़ एवं सभी विभागाध्यक्षों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डॉ तातेड़ ने विभिन्न मॉडल्स एवं पोस्टर्स के माध्यम से हृदय की संरचना एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक एवं हार्ट फेलियर के व्यक्ति को यदि सही समय पर उचित तरीके से सीपीआर दी जाये तो उसकी जान बचाई जा सकती है। डॉ तातेड़ ने सीपीआर के विषय में विभिन्न भ्रान्तियों की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों की जिज्ञासा को सन्तुष्ट किया।

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इस कार्याशाला में कई विद्यार्थियों व स्टॉफ सदस्यों ने डमी के साथ सीपीआर की प्रक्रिया का प्रायोगिक डेमोस्ट्रेशन किया। डॉ तातेड़ ने छोटे बच्चों एवं वयस्क व्यक्ति को दी जाने वाली सोपीआर प्रक्रिया में अन्तर स्पष्ट कर उसका प्रदर्शन डमी के साथ करके दिखाया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस प्रक्रिया की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति को होनी चाहिए जिससे अधिक से अधिक लोगों को बचाया जा सके।

कॉलेज निदेशक भूपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि यह जीवन रक्षक कौशल है जिसकी जानकारी देने हेतु कॉलेज में इस प्रकार की कार्याशालायें आयोजित की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक युवा को इस कौशल को सीखने और उसे अन्य लोगों तक पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध होना चाहिए

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कॉलेज के एनएसएस अधिकारी डॉ सोयल खान ने बताया कि इस प्रकार के जीवन रक्षक कौशल प्रशिक्षण के कारण यदि एक व्यक्ति किसी एक व्यक्ति की जान बचाने में भी कामयाब हो जाता है तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।

प्राचार्य डॉ ऋषि नेपालिया ने डॉ तातेड़ द्वारा दिये गये प्रशिक्षण की सराहना करने हुए आश्वासन दिलाया कि विद्यार्थियों को इस प्रकार के कौशल को अन्य लोगों तक पहुंचाने हेतु नुक्कड़ नाटक तथा शिविरों का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने डॉ तातेड़ का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष बसन्त कल्ला ने किया तथा कार्यक्रम में एनएसएस व एनसीसी के कैडेट्स ने व्यवस्था व अनुशासन बनाये रखने में सहायता की।

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