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बाल संरक्षण संकल्प यात्रा को ग्रामीणों का व्यापक समर्थन

बाल संरक्षण संकल्प यात्रा को ग्रामीणों का व्यापक समर्थन

  • बच्चों को खूब पसन्द आ रहे अपने भविष्य सँवारने के लिए किए जा रहे नवाचार
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हाथों-हाथ तैयार कराए गए 36 आवेदन

जोधपुर,राज्य सरकार की ओर से संचालित बाल संरक्षण संकल्प यात्रा शनिवार को बिलाड़ा पंचायत समिति के बिजवाड़ीया में पहुंची। यात्रा को लेकर ग्रामीणों और बच्चों में व्यापक उत्साह का माहौल नज़र आया। यात्रा के दौरान सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए ग्राम्यजन यात्रा के बाल मित्रों से सम्पर्क कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत बिजवारिया में पंचायत सदस्यों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में बाल अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। बिजवारिया को बाल मित्र ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में निर्धारित मापदण्डों के अन्तर्गत शत-प्रतिशत नामाकंन,स्कूलों में ठहराव,बाल मैत्री पंचायत, आंगनवाड़ी को बच्चों के लिए सुगम बनाना आदि प्रमुख है। इसी दिशा में प्रभावी प्रयास आरंभ किए गए।

समन्वयक कैलाश सैनी ने बाल हिंसा, बालश्रम, बाल तस्करी एवं बाल विवाह जैसे मुद्दों पर खुल कर चर्चा करने और इनका मिल-जुल कर समाधान निकालने पर जोर दिया।

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बाल संरक्षण समिति का पुनर्गठन

यात्रा दल द्वारा ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का पुनर्गठन सरपंच महेन्द्र ओडाणा की अध्यक्षता में किया गया। इसमें सदस्य सचिव ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश नैण, वार्ड पंच,आगंनवाड़ी कार्यकर्ता,स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ ही दो विद्यार्थियों कालूराम एवं नीतू कंवर (कक्षा-12) को सदस्य नामित कर हर माह बैठक आयोजित करने एवं बाल हिंसा से जुडे़ मुद्दों का समाधान निकालने के साथ ही बाल सुरक्षा के 7 संकल्पों पर शपथ दिलाई गई।

साँप-सीढ़ी खेल ने जगाया आकर्षण, समझ विकसित की

यात्रा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिजवाड़िया में पहुंचने पर विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल पसर उठा। यूनिसेफ द्वारा तैयार कराया गया जन्म से लेकर 18 साल की जीवन चक्र पर आधारित सांप-सीढ़ी का खेल बच्चों के आकर्षण का केन्द्र रहा, जिसमें बाल हिंसा, बाल तस्करी, बालश्रम,सामाजिक असन्तुलन, भेदभाव के चलते सांप द्वारा काट लिये जाने पर नीचे की तरफ जीवन का पतन शुरू हो जाता है वहीं पोषण, शिक्षा,सामाजिक सुरक्षा योजनाएं से समृद्धि की सीढ़ी से ऊपर चढ़ कर विकास की ओर आगे कदम बढ़ाता है।

यह खेल बच्चों के खूब मन भा रहा है। यात्रा के सात संकल्प को बच्चों द्वारा आत्मसात करने के लिए शपथ भी दिलाई गई। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश चारण ने बच्चों को तनाव से मुक्त होकर शैक्षिक गतिविधियों में शामिल होने की सीख दी।

घर-घर जाकर योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया से खुश हैं ग्रामवासी

यात्रा के दूसरे पड़ाव में ग्राम भ्रमण कार्यक्रम अन्तर्गत ग्राम पंचायत में मिली जानकारी के अनुसार वंचित पात्र व्यक्तियों के घर-घर जाकर योजनाओं से लाभ दिलाने की कवायद में ग्रामवासी आत्मीयता से जुड़ रहे हैं। हाथों-हाथ दस्तावेजों की जानकारी लेकर ऑनलाईन पंजीयन कराने की प्रक्रिया में ग्रामीण अपनी समस्याएं बाल मित्रों से खुलकर साझा कर रहे हैं।

जरूरतमन्दों के लिए वरदान साबित हो रही है यात्रा

ग्राम भ्रमण के दौरान कई जरूरतमन्दों को बाल मित्रों ने हाथों-हाथ सारी औपचारिकताएं मौके पर ही पूर्ण कर इनसे संबंधित लाभकारी कार्यवाही की। कई सारे मामले ऐसे सामने आए, जिनमें आहत परिवारों को राहत की आस जगी। इन्हीं में एक है लुहारों की बस्ती की रहने वाली 12 साल की सुमन। इसके जन्म के समय ही मां की मृत्यु हो गई। अशुभ समझकर पिता ने नाता तोड़ लिया। नानी ने पालन- पोषण करना शुरू किया ही था इस बीच 5 साल बाद उनका भी निधन हो गया। अब मामा बुद्धाराम के यहां जैसे-तैसे कर जीवनबसर कर रही है।

इसी तरह 10 वर्ष की सूरता की नौ साल की आयु में पिता श्रवण की कैंसर से मौत हो गई। मां मंजू देवी पति की मृत्यु के 1 वर्ष बाद गादरी में नाते चली गई। दादा प्याराराम और दादी भंवरी देवी वृद्धावस्था पेंशन से पालन-पोषण कर रहे हैं। बाल मित्रों द्वारा इन मामलों में हाथों-हाथ पालनहार योजना के आवेदन तैयार कराये गये।

बाल विवाह का दंश झेल रही साबू

इलाके की साबू का 13 वर्ष की उम्र में बाल विवाह हुआ और कुछ ही महिनों बाद वो गर्भवती हुई। पति मारपीट करता था। दिमाग से पागल होने का आरोप लगाकर 7 माह की गर्भवती को घर से निकाल दिया। अपनी बेटी के साथ पीहर में रहती है। नाना-नानी ददाराम और गीता देवी के यहां मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। बाल मित्रों द्वारा सरपंच से मिलकर परित्यक्ता पेंशन और बेटी मोनिका के लिए पालनहार योजना का आवेदन तैयार कराने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई।

सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल ने दिया सुकून

ग्राम भ्रमण के दौरान घर-घर दस्तक देकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के 36 आवेदन तैयार कराये गये। इस अवसर पर डीसीपीयू अुर्जन सिंह गहलोत,उपसरपंच पानी देवी, एलडीसी संगीता भार्गव,मनोहर, बलवीर सोलंकी वार्डपंच,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दुर्गा देवी,ओमकंवर आशा सहयोगिनी,राजरानी टाक एएनएम सहित सीताराम गुर्जर, सोना बैरवा, मनजीत गुर्जर,सफीस्ता खान,ओम सोउ,धर्मेन्द्र यादव,अजय सिंह, टीकम चन्द आदि ने ग्रामीणों के उत्थान की कार्यवाही के साथ ही बच्चों के विकास की दृष्टि से की गई कार्यवाही में अपना योगदान दिया।

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