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शातिर नकबजन हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार,30 दिन पहले ही जेल से छूटा था,पंद्रह प्रकरण दर्ज

सेंध लगाने के बाद माल को जंगलों और पत्थरों के नीचे छुपा देता

जोधपुर,शहर के प्रतापनगर पुलिस ने नकबजनी के एक प्रकरण का शुक्रवार को खुलासा करते हुए शातिर नकबजन को गिरफ्तार किया है। वह माल चुराने के बाद जंगलों और पत्थरों के नीचे छुपा देता फिर धीरे धीरे माल लेकर बाजार में बेच कर नशे की पूर्ति करता था। आरोपी 30 दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। आरोपी प्रतापनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ नशे का आदी है। उसने 20 अक्टूबर को प्रतापनगर इलाके में एक मकान में सेंध लगाई थी। पुलिस ने अब उससे एक किलो चांदी, 80 ग्राम सोने के आभूषण उसकी निशानदेही पर जब्त किए हैं।

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थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया कि घटना में मोहम्मद यासीन की तरफ से मामला दर्ज करवाय गया था। उसमें बताया कि 20 अक्टूबर को वह पुत्री की शादी के बाद पाली रिशेप्शन के लिए गए थे। रात तीन बजे घर लौटे तो चोरी का पता लगा। इस पर मामला दर्ज करवाया गया। थानाधिकारी ढाका ने बताया कि नकबजन का पता लगाने के लिए पुलिस की एक टीम एसआई रामकृष्ण ताडा,एसआई देउ, एएसआई मुकेश कुमार,आसूचना अधिकारी विश्वप्रतापसिंह एवं कांस्टेबल श्यामलाल की टीम गठित की गई। टीम ने गहन पड़ताल के बाद शुक्रवार को एक शातिर नकबजन ज्योति नगर चांदणा भाखर निवासी आमीर उर्फ मोंटू पुत्र चांद मोहम्मद को गिरफ्तार किया।

महिने भर पहले छूटा जेल से

थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया कि आरोपी महिने भर पहले ही जेल से छूटा था। आमीर उर्फ मोंटू प्रताप नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पंद्रह प्रकरण चोरी, नकबजनी,लूट,आगजनी आदि धाराओं में प्रतापनगर, सरदारपुरा, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, देवनगर, बासनी, सदर बाजार में दर्ज हो रखे हैं।

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दिन में रैकी, रात को सेंधमारी

आरोपी आमीर उर्फ मोंंटू दिन में शादी समारोह वाले घरों एवं सूने मकानों की रैकी करता और फिर रात को वारदात को अंजाम देता था।

वेशभूषा बदलता रहता

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी या नकबजनी करने के बाद अपनी वेशभूषा भी बदल डालता था। ताकि उसकी पहचान आसानी से नहीं हो सके। कभी दाढ़ी बढ़ा लेता तो कभी टोपी पहन लेता था।

जंगलों और पत्थरों के नीचे माल छुपाता

आरोपी आमीर इतना शातिर है कि वह चुराए गए माल को जंगलों या पत्थरों के नीचे छुपा देता था। बाद में माल को धीरे धीरे निकाल कर बेचता और खुद के शौक मौज और नशे में उड़ा देता था। वह स्मैक और एमडी का नशा करता है।

पुलिस की टीम में यह थे शामिल

पुलिस की टीम में हैडकांस्टेबल ओमाराम,साइबर सैल के प्रेम चौधरी, हैडकांस्टेबल मोजुराम,कांस्टेबल शिवलाल,हुकमाराम,श्यामलाल, हरीप्रसाद एवं राजेश भी शामिल थे।

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