ओपन जेल में आज सात फेरे लेंगे हत्या के दो सजायाफ्ता कैदी

  • सहेली के पिता करेंगे कन्यादान
  • सिर्फ 21 मेहमान शामिल होंगे

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ओपन जेल में आज सात फेरे लेंगे हत्या के दो सजायाफ्ता कैदी। मंडोर स्थित ओपन जेल कैंप में बुधवार को उम्र कैद की सजा काट रहे दो बंदियों की शादी होने जा रही है। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे दो बंदी नागौर के मूलाराम और मुंबई की रहने वाली सीमा घड़से आपस में विवाह करने जा रहे हैं।

बासनी से युवती लापता

भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली के सुधारात्मक रूप को बयां करती यह शादी 22 जुलाई को संपन्न होगी। ओपन जेल कैंप के इतिहास में यह पहला मौका है जब यहां रहने वाले दो बंदियों का आपस में विवाह हो रहा है।

मूलाराम और सीमा दोनों पिछले करीब डेढ़ साल से यहां रह रहे हैं।इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और दोनों ने साथ मिल कर जीवन की एक नई शुरुआत करने का फैसला किया। पति की हत्या के आरोप में साल 2019 से सजा काट रही सीमा के परिवार से महाराष्ट्र से कोई भी इस शादी में शामिल होने नहीं आ पा रहा है।

ऐसे में जेल में बनी सीमा की एक सहेली के पिता जसाणियां की ढाणी रावरा,फलोदी निवासी राधाकिशन वागेला ने पिता का फर्ज निभाने का फैसला किया है। वागेला परिवार ने ही शादी के कार्ड छपवाए हैं। उनके अनुसार बुधवार दोपहर बाद पाणिग्रहण संस्कार संपन्न होगा,जिसमें राधाकिशन खुद सीमा का कन्यादान करेंगे।

इस शादी के लिए कोर्ट के निर्देशानुसार 21 मेहमानों को शामिल होने की अनुमति दी गई है। विवाह का पूरा खर्च मूलाराम खुद वहन करेंगे। मूलाराम और सीमा डेढ साल से यहां रहते हैं,दोनों मिलकर कृषि कार्य कर रहे हैं। इनके क्वाटर में ही शादी होगी।

खंडपीठ ने सुनाया था ऐतिहासिक फैसला
हाईकोर्ट के न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी और प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने नागौर निवासी मूलाराम की अस्थाई सजा निलंबन याचिका का निस्तारण करते इस शादी का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। याचिका में कहा गया था कि विवाह से दोनों के पुनर्वास और सुधार की प्रक्रिया को बल मिलेगा तथा वे भविष्य में सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकेंगे। इस पर हाईकोर्ट ने पूर्व निर्णय का हवाला दिया,जिसमें बंदियों के वैवाहिक और संतानोत्पत्ति से संबंधित अधिकार को अनुच्छेद 21 के दायरे में माना गया था।

खंडपीठ ने कहा था कि विवाह समाज की आधारभूत संस्था है और दोष सिद्ध बंदियों को भी सहमति से विवाह करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। दोनों आरोपी काट रहे है उम्रकैद की सजा मूलाराम नागौर के अडसिंगा का निवासी है।

परिवार खेती करता था। उसके पिता का पड़ोसी से विवाद था। वर्ष 2017 में मूलाराम पड़ोसी युवक को बाइक पर बिठाकर ले गया था,लेकिन बाद में उसकी लाश टांके से मिली थी। इसके लिए कोर्ट ने मूलाराम को हत्या का दोषी माना था। अगस्त 2023 अगस्त में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। दो साल से वह मंडोर में ओपन और जेल कैंप में सरपंच पद पर काम कर रहा है। वहीं सीमा घड़से मूलत: महाराष्ट्र में मुंबई के पास की है। वर्ष 2016 में उसकी शादी जोधपुर के घंटाघर निवासी कौशल राज अरोड़ा से हुई थी।

मर्जी के खिलाफ हुई सीमा इस शादी से खुश नहीं थी। शादी के 2 महीने बाद ही सीमा ने सोते हुए पति की दोनों हाथ की नसें धारदार वस्तु से काट दी थीं। इससे कौशलराज की मौत हो गई थी। उसने चोर आने का बहाना बनाया, लेकिन कोर्ट में वर्ष 2019 में सीमा को उम्रकैद की सजा मिली थी।