आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

  • ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी एवं रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग का संयुक्त आयोजन
  • आयुर्वेदिक औषधीयों का यंत्र आधारित विश्लेषण पर कार्यशाला
  • केरल,गुजरात,पंजाब सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी ले रहे हैं प्रशिक्षण

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय,जोधपुर के ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी तथा रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेदिक औषधी का यंत्र आधारित विश्लेषण विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। जिसमे एचपीटीएलसी, एफटीआईआर,यूवी स्पेक्ट्रोस्कॉपी जैसे जटिल उपकरणों पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रोफेसर(वैद्य)गोविन्द सहाय शुक्ल ने की। इस अवसर पर शुक्ल ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियों की प्रमाणिकता एवं मानकीकरण के लिए इस प्रकार की कार्यशाला चिकित्सा में सफलता हासिल करने के लिए उपयोगी हैं। प्राचार्य प्रो. चंदन सिंह एवं डीन एकेडमिक प्रो. महेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

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डीटीएल डायरेक्टर डॉ.मनीषा गोयल ने वर्तमान समय में हर्बल तथा हर्बो मिनरल दवाओं की प्रमाणिकता एवं मानकीकरण के लिए एचपीटीएलसी आदि उपकरणों के महत्व पर प्रकाश डाला।

विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ) राजा राम अग्रवाल ने आयुर्वेदिक औषधियों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने में आधुनिक उपकरणों की उपयोगिता के बारे में बताया। इस अवसर पर रसायनशाला प्रभारी डॉ.संगीता चाहर,डॉ.चन्द्र भान शर्मा,डॉ.रविप्रताप सिंह,अन्य संकाय सदस्य तथा देश के विभिन्न प्रांत केरल,पंजाब,गुजरात, राजस्थान के 16 प्रतिभागी तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन अक्षिता जैन ने किया।