आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से

आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से

  • देश के विभिन्न हिस्सों से आ रहे विशेषज्ञ
  • मातृ एवं गर्भ स्वास्थ्य पर नवीन शोधपत्र करेंगे प्रस्तुत
  • स्नातकोत्तर प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा आयोजित हो रही राष्ट्रीय संगोष्ठी में 360 से अधिक संभागी करेंगे शिरकत
  • बांग्लादेश की हमदर्द यूनिवर्सिटी से शोध कार्य के लिए होगा एमओयू

जोधपुर,आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से।डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो.(वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में 2-3 फरवरी को विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद के स्नातकोत्तर प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग व “काश्यपी आयुर्वेद गाएनेकोलॉजी ऐंड ऑब्सटेरिटिशन फाउंडेशन राजस्थान एसोसिएशन”(केएजीओएफ) के संयुक्त तत्वाधान में “गर्भोपक्रम- 2024” राष्टीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है,जिसका शुभारंभ शुक्रवार 2 फरवरी को प्रातः 11 बजे हमदर्द यूनिवर्सिटी,बांग्लादेश के कुलपति फारुकी उज़ ज़मान एवं आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो.(वैद्य)प्रदीप कुमार प्रजापति की उपस्थिति में होगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में राजस्थान सहित महाराष्ट्र,गुजरात,कर्नाटक,केरल,उत्तर प्रदेश,नई दिल्ली,हिमाचल प्रदेश, तेलन्गाना,गोवा,पंजाब,उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा से विशेषज्ञ तथा शोध अध्येतागण सम्मिलित होंगे।

यह भी पढ़ें – प्रो.महेंद्र राठौड़ बने भाजपा नारी शक्ति वंदन अभियान के चार जिलों के प्रभारी

कुलसचिव सीमा कविया ने बताया कि इस अवसर पर भारत के अनेक प्रख्यात विश्वविद्यालय एवं संस्थान जैसे अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान नई दिल्ली,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी,राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर,आईटीआरए जामनगर,मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ एवं शैक्षणिक पदाधिकारी सम्मिलित होकर अपने चिकित्सकीय ज्ञान का आदान प्रदान करेंगे। कर्माभ्यास के दौरान आने वाली बाधाओं के निराकरण के लिए चिकित्सकीय विधाओं का विवेचन भी करेंगे,जिससे स्नातकोत्तर अध्येताओं को शास्त्रोक्त ज्ञान के साथ ही प्रायोगिक ज्ञान में दक्षता हासिल होगी। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ़ यूनानी एंड आयुर्वेदिक मेडिसिन,हमदर्द यूनिवर्सिटी,बांग्लादेश के कुलपति फारुकी उज़ ज़मान,डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति एमओयू. पर हस्ताक्षर करेंगे। जिससे आयुर्वेद विज्ञान में शोध एवं चिकित्सा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

यह भी पढ़ें – बच्चों को स्कूल छोड़ने निकला आयकर निरीक्षक लापता

“गर्भोपक्रम -2024” की आयोजन सचिव एवं विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.ए. नीलिमा ने बताया कि कुलपति प्रो. प्रजापति के निर्देशन में इस संगोष्ठी में 5 प्लेनरी सत्रों में 11 कीनोट स्पीकर, 12 वैज्ञानिक सत्रों में 21 रिसोर्स पर्सन तथा राजस्थान सरकार के लगभग 45 आँचल प्रसूता चिकित्साधिकारी सहित पूरे भारत से लगभग 360 आयुर्वेद विशेषज्ञ तथा अध्येता गर्भिणी परिचर्या पर आयोजित इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय संगोष्ठी में सहभागी बन रहे हैं। ‘गर्भोपक्रम -2024’ में दो दिन के विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में गर्भिणी परिचर्या,सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ संतान जैसे विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा शोध पत्रों के माध्यम से गहन मंथन किया जायेगा। प्रो. नीलिमा ने बताया कि स्नातकोत्तर प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा जनमानस के लिए 2016 से प्रतिमाह शनिश्चरजी का थान में निःशुल्क स्त्रीरोग एवं प्रसूति कैंप का आयोजन किया जा रहा है जिससे अब तक हज़ारों महिलाएं लाभान्वित हुई हैं ।

यह भी पढ़ें – फैक्ट्री का ताला तोड़कर पिकअप चुरा ले गए

इस 2 दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. (डॉ) सुजाता कदम,अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली,प्रो.(डॉ) कामिनी धीमान,अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान,नई दिल्ली,प्रो.(डॉ) ईना शर्मा (सेवानिवृत्त),आरजीजी पपरोला,हिमाचल प्रदेश,प्रो.(डॉ)दीपा मिश्रा,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी,प्रो.(डॉ) शिल्पा डोंगा आईटीआरए जामनगर,प्रो.(डॉ) सुनीता जोशी जीएसी हैदराबाद, प्रो.(डॉ) भारती कुमारमंगलम राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर व डॉ करिश्मा नरवानी डायरेक्टर ऑफ गर्भोपनिषद फाउंडेशन जामनगर मुख्य वक्ता होंगे। संगोष्ठी के माध्यम से आयुर्वेद के शास्त्रो में वर्णित विविध परिचर्या जैसे स्वस्थ एवं रोग रहित गर्भाधान के उपाय,गर्भिणी द्वारा नौ माह में पालन किया जाने वाले आहार विहार,प्रसव पश्चात जच्चा एवं बच्चा के स्वस्थ सम्बन्धी परामर्श और सूतिका काल में किस प्रकार से नव प्रसूता अपने शरीर व मन को प्रसव पूर्व अवस्था में ला सके जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस संगोष्ठी द्वारा गर्भकाल,प्रसवकाल, सूतिका काल में होने वाले सामान्य रोग जैसे ज्वर,स्तन्य क्षय,छर्दि,विबंध, पाण्डु एवं गंभीर अवस्थाएं जैसे पीपीएच एपीएच, पोस्ट नेटल डिप्रेशन के निदान व चिकित्सकीय उपायों पर संभाषा की जाएगी।इस राष्ट्रीय संगोष्ठी गर्भोपक्रम-2024के सफल आयोजन हेतु आयोजन अध्यक्ष प्राचार्य पीजीआईए प्रो.महेंद्र कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव डॉ.रश्मि शर्मा,डॉ. आशा केपी एवं समन्वयक डॉ.हेमंत कुमार ने विभिन्न कमेटियों के सहयोग से तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी गर्भोपक्रम-2024 का डाबर इंडिया लिमिटेड सोलो पार्टनर है।

दूरदृष्टि न्यूज़ की एप्लीकेशन यहाँ से इनस्टॉल कीजिए – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews

 

Similar Posts