समान नागरिक संहिता को लेकर प्रारूप समिति ने सुने नागरिकों के सुझाव
राजस्थान समान नागरिक संहिता पर जनसुनवाई का दूसरा चरण आयोजित
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),समान नागरिक संहिता को लेकर प्रारूप समिति ने सुने नागरिकों के सुझाव। राजस्थान में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में आमजन के सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से मंगलवार को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित की गई।
जनसुनवाई के दौरान पाली,जालोर एवं सिरोही जिलों के नागरिकों,जन प्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुझाव प्राप्त किए गए।
जनसुनवाई की अध्यक्षता राजस्थान समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति की सदस्य डॉ.शुचि चौहान ने की। इस दौरान गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजलि राजोरिया, संभागीय आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समिति सदस्य डॉ.शुचि चौहान ने सभी प्रतिभागियों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा कहा कि प्राप्त सुझावों का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में समुचित परीक्षण किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस जनसुनवाई में पाली,जालोर एवं सिरोही के जिला कलक्टर्स सहित संबंधित जिलों के जन प्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक विज्ञान एवं विधि विषय के शिक्षाविदों,विधि वेत्ताओं,गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों समेत अन्य प्रबुद्धजनों ने भाग लेकर प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव एवं विचार साझा किए।
25 जुलाई तक साझा कर सकते है सुझाव
डॉ.शुचि चौहान ने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में प्रदेश का कोई भी नागरिक 25 जुलाई तक अपने सुझाव एवं विचार साझा कर सकता है। इसके लिए प्रचार सामग्री पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है अथवा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी सुझाव दर्ज किए जा सकते हैं।
उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियों (बीडीओ) के माध्यम से समान नागरिक संहिता से संबंधित क्यूआर कोड एवं आधिकारिक वेबसाइट का जिला,उपखंड,तहसील तथा ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए,ताकि अधिकाधिक नागरिक समय पर अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकें।
जनसुनवाई के दौरान समान नागरिक संहिता के संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए तैयार की गई सूचना एवं प्रचार सामग्री का भी प्रदर्शन किया गया तथा नागरिकों से अधिक से अधिक सुझाव उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया।
