बहादुर सेना पूरी तरह माकूल जवाब दे रही है-आईजी रेंज विकास कुमार

रेंज आईजी विकास कुमार की मीडिया से बात

जोधपुर(डीडीन्यूज),बहादुर सेना पूरी तरह माकूल जवाब दे रही है-आईजी रेंज विकास कुमार। जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार आज बॉर्डर के लिए रवाना हुए। आईजी विकास कुमार लगातार पहले से ही गंभीर और सजग हैं। वे पहले भी वह बॉर्डर का निरीक्षण कर चुके हैं। एक बार फिर वह बॉर्डर के लिए रवाना हुए हैं।

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बॉर्डर पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए आईजी विकास कुमार ने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षकों से वे संपर्क में हैं। सभी पुलिस अधीक्षकों से आवश्यक ब्रीफिंग चल रही है। फीडबैक लेने के अलावा लगातार सावचेती के निर्देश दिए जा रहे हैं। आईजी विकास कुमार ने कहा कि बहादुर सेना पूरी तरह से माकूल जवाब दे रही है। कंधे से कंधा मिलाकर अर्धसैनिक बल, पुलिस, सिविल डिफेंस व सिविल सोसायटी उनके साथ खडी है।

उन्होंने कहा कि वे पुलिस की तरफ से सेना को संदेश देना चाहते हैं कि हम उनके साथ हैं। हम बॉर्डर का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि सीमा पर जो साहसी नागरिक हैं उनका मनोबल दृढ हो आसमान की ऊंचाई की तरह हो। उनके बीच जाने का यही उद्देश्य है। उनको क्या करना चाहिए उनको उनका दायित्व बताने का काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए देश की अस्मिता की लड़ाई है।धरती का एक एक इंच खून का एक एक कतरा,भूमि का एक एक जर्रा उतना ही कीमती है,जितना इस देश की अस्मिता है और हमारे हर एक व्यक्ति की जान है। हमारी बहादुर सेनाएं प्रतिकार कर रही हां,माकूल जवाब दे रही हैं। कंधे से कंधा मिलाकर पुलिस,अर्ध सैनिक बल,सिविल डिफेंस,सिविल सोसाइटी और जनता सब खड़ी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बल की तरफ से सीमाओं को यह एक संदेश है कि हम प्रत्येक कदम पर आपके साथ हैं। आप सीमा पर तैनात हैं तो हम सीमा के अंदर आपके लिए हौसला,मनोबल लेकर आए हैं।सीमावर्ती क्षेत्रों में हमारे निडर और साहसी नागरिक हैं उनका मनोबल चट्टान की तरह दृढ़ हो,आसमान की बुलंदियों तक ऊंचा हो यह सुनिश्चित करने के लिए हम लगातार उनके बीच में जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन एक इकाई के रूप में उनके साथ जा रहा है। उद्वेश्य यह भी है कि किसी ने भी इस देश की तरफ आंख उठाने का आत्मघाती दुस्साहस किया तो न सिर्फ सेना बल्कि इस देश का एकएक नागरिक प्रतिकार के लिए अपनी आंखों में ललकार लिए खड़ा है। प्रत्येक व्यक्ति को यह मालूम हो कि उसका क्या दायित्व है? एसी स्थिति में सुरक्षा के लिए क्या क्या करना है?एतिहात के क्या कदम उठाए जाने हैं?और सेना के हाथ मजबूत करने,सशस्त्र बलों,सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा करने के लिए प्रशासन,पुलिस,स्वयं सेवी संस्थाओं, नागरिकों को सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों को क्या करना है यह बताने का दायित्व हमने लिया है। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर हम काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हमने घूम फिर कर देखा है कि जिस तरह का विश्वास और हौसला है सजगता, सतर्कता,विश्वास और साहस के साथ नागरिक जमा हुआ है उसकी आंखों में शत्रु के लिए चुनौती है। आत्मविश्वास की धमक चेहरे पर है जो यह बताता है कि इस देश की अस्मिता पर प्रहार करने का दुस्साहस कोई भी करेगा वह अक्षम्य है। सभी मिलकर सभी तरह की सुरक्षा चाकचौबंद किए हुए हैं।

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