राज्य के प्रमुख विधि सचिव को कोर्ट में पेश होने के आदेश
कस्टडी सर्टिफिकेट को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राज्य के प्रमुख विधि सचिव को कोर्ट में पेश होने के आदेश। राजस्थान हाई कोर्ट ने आरोपी के कस्टडी सर्टिफिकेट से जुड़े मामले में राज्य सरकार के प्रमुख विधि सचिव व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रमुख विधि सचिव को बताने के आदेश दिए हैं कि पूर्व में दिए गए आदेश के अनुपालन में रिपोर्ट क्यों दाखिल नहीं की गई और ई-प्रिजन पोर्टल पर आरोपी से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद कस्टडी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आवश्यक सॉफ्ट वेयर सहायता क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई। यह आदेश जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने नवाब की ओर से दायर अपराधिक अपील की सुनवाई करते हुए दिया हैं।
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याचिकाकर्ता नवाब और उसके साथ अयुब उर्फ गोबा की ओर से सजा निलंबन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गयी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट ने डीजीपी जेल और राज्य के प्रमुख विधि सविच को दोनो आरोपी याचिका कर्ता के मामले में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को पारित पूर्व आदेश के अनुपालन में डीजीपी (जेल) तथा राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव, विधि एवं विधिक कार्य विभाग से रिपोर्ट मांगी गई थी।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता और लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि डीजीपी (जेल) की ओर से स्पष्टीकरण दाखिल कर दिया गया है। हालांकि,विधि एवं विधिक कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई।
प्रमुख सचिव को किया तलब
रिपोर्ट दाखिल नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के विधि एवं विधिक कार्य विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं प्रमुख विधि सचिव को 25 सितंबर को दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा।
अदालत ने प्रमुख सचिव से दो बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। पहला,14 सितंबर के आदेश के अनुपालन में रिपोर्ट दाखिल नहीं करने का कारण और दूसरा, ई-प्रिजन पोर्टल पर आरोपी से संबंधित विवरण दर्ज होने के बावजूद कस्टडी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए सॉफ्टवेयर की सहायता उपलब्ध नहीं कराने का कारण।
मामले में अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुमेहा कल्ला पेश हुईं, जबकि राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी और लोक अभियोजक नरेंद्र गेहलोत उपस्थित थे।
