शेखावत ने पूछा, डायरी घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा?

शेखावत ने पूछा, डायरी घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा?

केंद्रीय मंत्री ने शिक्षा सत्र के अंत में 84 लाख छात्रों को डायरी बंटवाने के निर्णय पर उठाए सवाल

जयपुर/जोधपुर, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिक्षा सत्र के अंत में छात्रों को डायरी बंटवाने के निर्णय पर सवाल खड़े किए हैं। शेखावत ने कहा कि शिक्षा सत्र समाप्त होने को है और सरकार बहादुर को अब 84 लाख छात्रों को डायरी बंटवाने की याद आ रही है।

रविवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि अनियमितता को इन बिंदुओं से समझिए। जब केवल एक माह बाकी है,होमवर्क और पालकों को जानकारी के लिए डायरी देने का क्या अर्थ? अभी नाम, कक्षा और फोटो लगाने के बाद अगले वर्ष ये डायरियां कैसे काम आएंगी? खानापूर्ति के नाम पर 20-22 करोड़ की डायरियां क्यों छपवाई गईं? कॉमन सेंस क्यों नहीं लगाया गया, इतनी बड़ी रकम का शिक्षा सुविधा विस्तार के अन्य कार्यों में भी उपयोग किया जा सकता था। शेखावत ने पूछा कि इस पूरे घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा?

कांग्रेस पर तीखा प्रहार

सुजानगढ़ में सालासर बालाजी धाम में रामदरबार की मूर्तियों को तोड़ने पर शेखावत ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाली कांग्रेस अपना अस्तित्व खतरे में देख मंदिर जाने का दिखावा करने लगी,लेकिन असलियत छिपाए नहीं छिपती। सुजानगढ़ में प्रवेश द्वार को गिराते हुए यह ध्यान नहीं रखा गया कि वहां राम दरबार बना हुआ है। इस तरीके को कौन सच्चा हिंदू स्वीकार करेगा?
शेखावत ने कहा कि जहां कांग्रेस राज होता है, वहीं यह सब क्यों होता है? उसे हम हिंदुओं को आहत कर आनंद मिलता है।

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