बाल सुरक्षा पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बाल सुरक्षा पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

  • मगरा पूंजला स्थित कन्या महाविद्यालय में हुआ आयोजन
  • सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय, सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन तथा कन्या महाविद्यालय का संयुक्त आयोजन

जोधपुर,सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय,सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय,मगरा पूंजला के संयुक्त तत्वावधान में “दुष्कर्म व्यवहार और शोषण से बच्चों की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाइयों तथा रेंजर इकाई के लगभग 350 छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

इस साल विश्व बाल दिवस की थीम ‘हर बच्चे के लिए समानता और समावेश’ है इसका अर्थ है कि समाज, समुदाय या राष्ट्रीयता से संबंधित प्रत्येक बच्चा समान अधिकारों का हकदार है। सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे के लिए समानता और समावेशी विकास और बाल अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर बच्चों की समझ विकसित करना है। जिससे विभिन्न इकाइयाँ जैसे बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, सीएलजी सदस्य,सुरक्षा सखी, बाल कल्याण समिति,चाइल्ड लाइन आदि के साथ मिलकर सामंजस्य स्थापित कर सके और ये सभी इकाइयाँ मिलकर बच्चों के सर्वोत्तम हित के लिए कार्य कर सकें।

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जागरूकता अभियान कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरि सिंह गहलोत,मुख्यमंत्री प्रतिनिधि,महाविद्यालय विकास समिति द्वारा किया गया। हरि सिंह गहलोत ने कहा की बाल अपराधों की समस्या से निपटने और इस समस्या को समाप्त करने के लिए व्यापक सार्वभौमिक,सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के निर्माण में वृद्धि की आवश्यकता है। विमल कुमार सामंत राय,फैकल्टी SPUP ने बाल दिवस -2022 की थीम पर प्रकाश डालते हुए इस अभियान की उपयोगिता बताई।

प्रवीण सिंह, फैकल्टी, अकादमिक सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटक्शन,सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के संरक्षण के लिए जो कानून, नीतियां और योजनाएँ उपलब्ध हैं, उनकी जानकारी सभी तक पहुँचाना होगा ताकि जरूरतमंद बच्चों को योजनाओं का लाभ मिल सके तथा इस जागरूकता अभियान को राज्य, तहसील,ब्लॉक,पंचायत,गांव स्तर के विद्यालय,महाविद्यालय तक भी पहुंचाना होगा ताकि वे इस हेतु जागरूकता दूत बने।

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कार्यक्रम में छात्राओं के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। प्रथम चरण में स्लोगन प्रतियोगिता रखी गई जिसमें 24 छात्राओं ने आकर्षक स्लोगन प्रदर्शित कर अपनी बात रखी। निर्णायक के रूप में प्रवीण सिंह,डॉ उषा राठी तथा डॉ अंशुल दाधीच थे। छात्रा सोनू सोलंकी ने प्रथम, कौशल्या चौधरी ने द्वितीय और लक्ष्मी विश्नोई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

दूसरे चरण में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 53 छात्राओं ने आकर्षक पोस्टर निर्माण कर अपने भाव को अभिव्यक्त किया।

प्रतियोगिता के इस चरण में बग्गाराम, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी,डॉ ऋचा गुप्ता तथा डॉ कृति भारती, मैनेजिंग डायरेक्टर,सारथी ट्रस्ट, निर्णायक थी। इसमें विजयलक्ष्मी प्रथम, भाग्यश्री द्वितीय तथा मिताली सांखला तृतीय स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में 10 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया जिसमें डॉ कृति भारती, डॉ रेनू जांगिड़,विमल कुमार सामंत राय निर्णायक थे। इसमें प्रथम सोनू सोलंकी,द्वितीय भारती दैय्या और तृतीय निशा रामावत रही।

समापन सत्र की मुख्य अतिथि डॉ कृति भारती ने इस कार्यक्रम के उत्कृष्टता की प्रशंसा की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ उषा चौहान ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि बाल संरक्षण के लिए बने विभिन्न अधिनियमों की जानकारी सभी बच्चों और अभिभावकों तक पहुंचनी चाहिए और इसके लिए हमें पुरजोर प्रयास करना चाहिए। सत्र के दौरान महाविद्यालय विकास समिति के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि हरि सिंह गहलोत, महाविद्यालय विकास समिति के सदस्य अमित सांखला,शैलेंद्र गहलोत, भवतोष,विनोद,विमल कुमार, प्रवीण सिंह,डॉ उषा चौहान, डॉ कृति भारती, डॉक्टर ऋचा गुप्ता ने विचार व्यक्त किए तथा अलग-अलग सत्रों को संचालित कर अपना व्यावहारिक अनुभव साझा किया।

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