टूरिस्ट बस को भीड़ ने जलाया बीमा कंपनी दावा राशि देने के लिए जिम्मेदार
राज्य उपभोक्ता आयोग का निर्णय
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),टूरिस्ट बस को भीड़ ने जलाया बीमा कंपनी दावा राशि देने के लिए जिम्मेदार। बीमित टूरिस्ट बस को भीड़ द्वारा आग लगाकर जलाए जाने पर बीमा कंपनी दावा राशि देने से मना नहीं कर सकती। राज्य उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को सबस्टैंडर्ड क्लेम मानते हुए दावा राशि देने के जिला आयोग के निर्णय को उचित माना है।
राज्य आयोग जोधपुर बेंच के समक्ष परिवादी जयराम एवं विपक्षी बीमा कंपनी दी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कंपनी दोनों पक्षों द्वारा जिला आयोग जोधपुर द्वितीय द्वारा पारित आदेश से व्यथित होकर अपील प्रस्तुत की।परिवादी ने बीमा राशि कम दिलाए जाने के विरुद्ध तथा बीमा कंपनी ने जिला आयोग के निर्णय को निरस्त करने के लिए अपील प्रस्तुत की।
परिवादी के अनुसार उसकी टूरिस्ट बस बाड़मेर से हरिद्वार जा रही थी तथा जून 2019 में फलसूंड के बस के पास एक मोटरसाइकिल बस से टकरा गई,जिससे मोटरसाइकिल चालक की मृत्यु हो गई तथा उत्तेजित भीड़ ने बस को जला देने से बस क्षतिग्रस्त हो गई, बस बीमित होने से बीमा कंपनी को सूचित किया गया। सर्वेयर ने नुकसान का आंकलन किया तथा बस को टोटल लॉस मानते हुए सर्वे रिपोर्ट तैयार की परंतु, बीमा कंपनी ने पॉलिसी शर्तों का उल्लंघन मानते हुए दावे को अस्वीकार कर दिया।
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बीमा कंपनी की ओर से बताया गया कि बस को कांट्रैक्ट कैरिज परमिट के स्थान पर स्टेज कैरिज परमिट के रूप में उपयोग में लिए जाने के कारण दावा अस्वीकार किया गया जो बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी का परिवाद स्वीकार कर बीमा राशि 38 लाख का 75 फीसदी दिए जाने का आदेश पारित किया।
जिला आयोग के निर्णय से असंतुष्ट होकर दोनों पक्षों ने राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत की,दोनों पक्षों की ओर से विभिन्न न्यायिक दृष्टांत प्रस्तुत हुए।
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छावाहा एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा की परिवादी के पास कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट नहीं था,बल्कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट था जिसके तहत वह किसी पार्टी या किसी सदस्य को एक स्थान से दूसरे स्थान पर सफर कराने के लिए अधिकृत था।
जिला उपभोक्ता आयोग ने बस चालक द्वारा सडक़ किनारे से सवारी को चढ़ाने को कंट्रीब्यूटरी नेगलिजेंस की श्रेणी का कृत्य मानते हुए 75 फीसदी राशि दिलाए जाने के निर्णय दिया है उसको उचित मानते हुए आयोग ने दोनों पक्षों की अपील को अस्वीकार करते हुए अपीलों का निस्तारण किया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता बीएल तिवारी,बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता धनपत चौधरी उपस्थित हुए।
