Inauguration of three-day Garbh Sanskar training session

तीन दिवसीय गर्भसंस्कार प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),तीन दिवसीय गर्भसंस्कार प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय,जोधपुर एवं संवर्धिनी न्यास,नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में संचालित गर्भसंस्कार सेमी-ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत तीन दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ गुरुवार को हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन स्नातकोत्तर स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग,पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद द्वारा किया गया। इससे पूर्व 12 दिवसीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला सफलता पूर्वक आयोजित की जा चुकी है।

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उद्घाटन सत्र की मुख्य बातें:-
कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविन्द सहाय शुक्ल ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि गर्भसंस्कार भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इसका उद्देश्य केवल स्वस्थ शिशु ही नहीं,बल्कि संस्कारवान,बुद्धिमान एवं सशक्त भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। गर्भावस्था में माता के आहार,विहार,विचार एवं व्यवहार का गर्भस्थ शिशु के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

मुख्य अतिथि प्रो.एलबी सिंह, वाराणसी ने आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय पर बल दिया। कुलसचिव प्रो. गोविन्द प्रसाद गुप्ता ने कहा कि गर्भसंस्कार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भारतीय परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो.ए. नीलिमा ने बताया कि इस कोर्स को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।संवर्धिनी न्यास की ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी माधुरी सदाशिव मराठे ने इसे स्वस्थ एवं संस्कारित समाज निर्माण की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

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प्रथम दिन के सत्र:-
-डॉ.श्वेता डांगरे,काउंसलर संवर्धिनी न्यास ने स्ट्रेस मैनेजमेंट,क्वांटम मैकेनिक्स इन प्रेगनेंसी तथा ईएफटी के सिद्धांत एवं व्यावहारिक प्रदर्शन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला।

-डॉ.आंडल भास्कर, इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ,आंध्र प्रदेश ने वोम्ब कम्युनिकेशन विषय पर गर्भस्थ शिशु से सकारात्मक संवाद और मातृ भावनाओं के महत्व को वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से समझाया।

प्रतिभागी:-
आसाम,पंजाब,हिमाचल, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से 20 प्रतिभागी ऑफलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं।

कार्यक्रम में प्रो.दिनेश शर्मा,प्रो. हरीश सिंघल,डॉ.राकेश शर्मा, प्रो.राजवीर सिंह,डॉ.राजीव सोनी,डॉ.हेमंत कुमार मेनारिया, डॉ.सविता विश्नोई सहित फैकल्टी,पीजी अध्येता और प्रतिभागी उपस्थित थे।संचालन डॉ.आशा केपी ने किया तथा धन्यवाद प्राचार्य प्रो.चंदन सिंह ने प्रस्तुत किया।