IIT जोधपुर मनाएगा मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस
- मुख्य सचिव देंगे विकास का रोडमैप
- जल,ऊर्जा,खेती पर IIT जोधपुर का फोकस
- जोजरी नदी पर 27 एक्सपर्ट की टीम
- एयरोस्पेस से इकोनॉमिक्स तक नए कोर्स
- राजस्थान के लिए IIT का संकल्प -मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस पर खुलेंगे 5 विभाग
- ब्रह्मगुप्त पर भी रिसर्च
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),IIT जोधपुर मनाएगा मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस।
IIT जोधपुर राजस्थान के विकास को रफ्तार देने के लिए मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस मनाने जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास इस आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे और राज्य के विकास एजेंडे पर मार्गदर्शन देंगे। यह जानकारी शुक्रवार को आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश अग्रवाल ने एक प्रेस्कांफ्रेंस में दी।
क्या है खास
निदेशक प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल के 2 साल पूरे होने पर IIT ने राजस्थान की 5 बड़ी जरूरतों पर फोकस किया है। जल,नवीकरणीय ऊर्जा,शहरी नियोजन,कृषि और कला-हस्तशिल्प।
जोजरी नदी मिशन
27 एक्सपर्ट की टीम जोजरी नदी के जल संकट पर काम कर रही है। जल जीवन मिशन में भी मदद दे रही। अब सरकार के साथ मिलकर लागू होने वाले समाधान बनाएगी।
5 नए विभाग शुरू
इसी सत्र से एडमिशन।
-एयरोस्पेस इंजीनियरिंग-
एंटी-ड्रोन व UAV
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
– ऊर्जा एवं ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग
-पर्यावरण एवं सतत इंजीनियरिंग
-अर्थशास्त्र
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आयुर्वेद से ब्रह्मगुप्त तक
आयुर्वेद आधारित हेल्थ सिस्टम पर रिसर्च तेज। साथ ही प्राचीन गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त के काम को नए संदर्भ में समझने के लिए अलग टीम।
तेजी से विस्तार
2 साल में छात्र 4400 से 9400 और फैकल्टी 250 से 350 हो गई। मेडटेक में एम्स के साथ मिलकर कई तकनीक कंपनियों तक पहुंचाई जा रही हैं।
रिसर्च सेंटर की योजना
क्षेत्रीय चुनौतियों के लिए स्पेशल रिसर्च सेंटर खुलेंगे जो नीति बनाने में मदद करेंगे।
इस अवसर पर प्रो.अग्रवाल ने कहा कि यह दिवस विज्ञान,तकनीक और शासन को जोड़कर सतत और समावेशी समाधान देने का संकल्प है। यह कार्यक्रम IIT जोधपुर की एक्सपर्टीज को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ने का मंच बनेगा।
