यमुनानगर में होली मिलन समारोह संपन्न

यमुनानगर में होली मिलन समारोह संपन्न

संस्कृति

यमुनानगर, ( डॉ.उदयभान सिंह)

पूर्वांचल कल्याण सभा और पंचनद शोध संस्थान अध्ययन केन्द्र यमुनानगर के संयुक्त तत्वावधान में होली परिवार मिलन समारोह डीएवी गर्ल्स कॉलेज सभागार में आयोजित किया गया। इस समारोह में उत्तर प्रदेश और बिहार पूर्वांचल के यमुनानगर प्रवासी नागरिकों ने उत्साह से भाग लिया। समारोह में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत पूर्वांचल कल्याण सभा के अध्यक्ष नार्देश्वर त्रिपाठी ने किया।

समारोह की अध्यक्षता हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद एवं पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो बृजकिशोर कुठियाला ने की। भारतीय संस्कृति में “होली का भाव एक रंग अनेक” विषय पर मुख्यवक्ता भारतीय संस्कति और परंपराओं के मर्मज्ञ पार्थसारथि थपलियाल दिल्ली एनसीआर से आमंत्रित थे। मुख्य अतिथि श्याम सुन्दर अग्रवाल, अनिल गर्ग और मनीष अग्रवाल थे। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉ. तनुश्री कश्यप ने सुमधुर कंठ से होरी सुनाई। श्रोताओं ने तालियां बजाकर प्रशंसा की अभिव्यक्ति दी।

यमुनानगर में होली मिलन समारोह संपन्न

मुख्य वक्ता पार्थसारथि थपलियाल ने वैदिक काल से आधुनिक काल तक होली मनाई जाने की लोक परंपरा पर प्रकाश डाला और भारत के विभिन्न अंचलों में होली के विविध स्वरूपों से दर्शकों को अवगत किया। उन्होंने उत्तराखंड की खड़ी होली, बैठकी होली गायन परंपरा, महिला होली गायन परंपरा, हरियाणा की कड़ाव होली, बरसाना और नंदगाँव की लठ्ठमार होली, काशी की मसाने की होली, राजस्थान की श्लील और अश्लील होली के साथ इलोजी पूजा और गैर होली को सोदाहरण प्रस्तुत किया। मिथिलांचल की होली, पूर्वोत्तर की होली,वनवासियों की होली, दक्षिण भारत की होली विशेषरूप से कर्नाटक के हम्पी की होली को सरसता से बताया।

यमुनानगर में होली मिलन समारोह संपन्न

उत्सवों के प्रति उदासीनता और विद्रूपता के प्रति समाज का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृति को बचाने के लिए आवश्यक है कि हम अपनी नई पीढ़ी को इन परंपराओं से जोड़े रखें। सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता में होली जैसे उत्सवों की महत्ता के साथ उन्होंने अपना वक्तव्य पूरा किया। थपलियाल ने अपने संबोधन से श्रोताओं/दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला ने इस प्रकार के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि हर उत्सव और महोत्सव की पृष्ठभूमि में कोई न कोई मानवीय, सामाजिक और वैज्ञानिक आधार अवश्य होता है। होली के त्यौहार में भी सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और परस्पर खुशियों को साझा करने का वैज्ञानिक आधार है। जब हर प्रकार के गिले-शिकवों को भुलाकर हम होली जैसे त्योहारों को मिल कर मनाते हैं तो हम अंतर्मन से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के माहौल मे आंतरिक व परस्पर खुशी मिलना दुर्लभ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हम उत्सवों के अंतर्निहित भाव से नई पीढ़ी को जोड़ते रहें। होली का त्यौहार हमे ऐसी ही खुशियाँ देता है। होली के विविध रंग हमारी अनेकता में एकता के प्रतीक है।

मंच का कुशल संचालन गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रोफेसर डाॅ. उदय भान सिंह ने किया। नटराज अकादमी के कलाकारों लवप्रीत कौर,कुश शर्मा, संतोष मिश्र और साथियों के अवधी फाग और पूनम सिंह ठाकुर ने अपने गीत से भी लोगों का दिल जीत लिया।

मुख्य अतिथि श्याम सुन्दर अग्रवाल, अनिल गर्ग और मनीष अग्रवाल ने उपस्थित सभी लोगों को होली की बधाईऔर शुभकामनाएं दी और अतिथियों व कलाकारों को सम्मानित किया। सभी का धन्यवाद सुरेश पाल ने दिया। आरम्भ में उपेन्द रक्षित ने पूर्वांचल कल्याण सभा तथा डाॅ हेमंत मिश्र ने पंचनद का परिचय दिया।

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