42.50 लाख की ठगी करने वाले दंपती को वड़ोदरा से पकड़ लाई पुलिस

42.50 लाख की ठगी करने वाले दंपती को वड़ोदरा से पकड़ लाई पुलिस

  • एक हजार का ईनाम था घोषित
  • नाम बदल कर रहा था आरोपी पति
  • छह साल बाद लगे हाथ

जोधपुर, शहर के एक व्यक्ति से छह साल पहले फ़्रेंचाइजी के नाम पर 42.50 लाख की ठगी कर फरार होने वाले दंपती को पुलिस ने गुजरात के वड़ोदरा शहर से पकड़ा है। इन पर पुलिस उपायुक्त कार्यालय की तरफ से एक हजार का ईनाम भी घोषित हो रखा था। इन्होंने अपना नाम तक बदल दिया। राजधानी जयपुर, महाराष्ट, पूना एवं गंगानगर में इन लोगों ने ठगी की वारदातें की हैं। पुलिस अब इनसे गहन पूछताछ में जुटी है।

पुलिस उपायुक्त भुवनभूषण यादव ने बताया कि जोधपुर के उम्मेद हेरिटेज डिफेंस लैब रोड पर रहने वाले सन्नी कुमार चेटवानी पुत्र रमेश कुमार की तरफ से 12अप्रेल 16 में उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज कराया गया था। इसमें बताया कि जोधपुर में एक दंपती मुकुल कोष्टी, उसकी पत्नी मेघना कोष्टी एवं एक अन्य शशिकिरण ने मिलकर मैल्स स्क्वायर प्राईवेट लिमिटेड नाम से कंपनी को खोला था। इन लोगों ने कंपनी में फ़्रेंचाइजी देने के नाम पर प्रतिमाह एक लाख किराया प्रदान करने और बेचान पर मिलने वाले लाभांश पर 15 प्रतिशत देने का वादा किया। इस झांसे में आने पर सन्नी चेटवानी ने 19 अगस्त 15 में 42 लाख 50 हजार रूपए लगा दिए। मगर बाद में न तो लाभांश दिया गया और न ही किराया लाभ मिला। कंपनी ने स्टाक तक की जानकारी नहीं दी। एक दिन कंपनी बंद कर फरार हो गए।

डीसीपी पूर्व यादव ने बताया कि धोखाधड़ी के इस बड़े मामले के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। इसमें एसीपी पूर्व देरावर सिंह के सुपरविजन में उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सिहाग,एएसआई सुरेश चंद, साइबर सैल के राकेश सिंह, हैड कांस्टेबल महेशचंद मीणा एवं कांस्टेबल सुरजाराम को लगाया गया।

आरोपी जगह बदल बदल कर रहते

थानाधिकारी अमित सिहाग ने बताया कि पुलिस की टीम काफी समय तक आरोपी दंपती मुकुल कोष्टी एवं उसकी पत्नी मेघना की तलाश में लगी रही। यह लोग कई जगहों पर अलग- अलग नाम पते से रहे। मुकुल ने अपना नाम पिंटू भाई रख लिया था। अपने दोस्तों या रिश्तेदारों की आईडी लेकर काम चलाते थे। मुकुल खुद की आईडी को काम नहीं लेता और ना ही आधार कार्ड को बनाया था।

स्थाई वारंट प्राप्त कर मफरूर घोषित

आरोपियों की तलाश के लिए कोर्ट से स्थाई वारंट जारी करवाने के साथ मफरूर घोषित करवाया गया। पुलिस उपायुक्त पूर्व यादव ने इन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक हजार का इनाम भी घोषित कर दिया।

राजधानी से लेकर पूना महाराष्ट्र नागपुर और गंगानगर में भी काफी लोगों से धोखाधड़ी करना सामने आ

या है। दोनों अब गिरफ्तार किया गया है।

शशिकिरण का साल भर पहले पकड़ा गया

थानाधिकारी सिहाग ने बताया कि मामले से जुड़े एक आरोपी शशि किरण को गत वर्ष दिसम्बर में गिरफ्तार किया गया था।

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