पहले गाय को राष्ट्र माता घोषित करो फिर राममंदिर का उद्घाटन

पहले गाय को राष्ट्र माता घोषित करो फिर राममंदिर का उद्घाटन

  • मोदी ने जोधपुर में अपने भाषण में सिद्धेश्वर सिद्धनाथ,अचलनाथ को किया था नमन
  • अचलनाथ महादेव के पुजारी और आशुतोष महादेव के महंत ने मोदी को भेजा पत्र
  • मोदी के लिए अचलेश्वर महादेव में किया था 501 किलो दूध से अभिषेक और बनाया था कमल सरोवर
  • आज दत्तात्रेय जयंती पर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने की मांग,गौ रक्षा आंदोलन शुरू
  • प्रथम चरण में दूध और उससे निर्मित वस्तुओं का त्याग
  • मौन व्रत के साथ आमरण अनशन की घोषणा
  • गाय के लिए देंगे सनातन भक्त अपने प्राणों की आहूतियां

जोधपुर,पहले गाय को राष्ट्र माता घोषित करो फिर राममंदिर का उद्घाटन।आशुतोष महादेव मंदिर के महंत और अचलनाथ सिद्धनाथ महादेव मंदिर के संत मनोज गिरी ने राम मंदिर उद्घाटन से पहले गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर उद्घाटन भले ही करो लेकिन जब तक गौ माता को न्याय नहीं मिलता राम खुश नहीं हैं। उन्होंने भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर
आमरण अनशन की चेतावनी दी है और दूध व उससे निर्मित वस्तुओं को ग्रहण नहीं करने की घोषणा की।

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इस अवसर पर सनातनी भक्तों ने गौ माता के लिए की प्राणों की आहूतियां देने की घोषणा के साथ आज दत्तात्रेय जयंती से आंदोलन की शुरुआत मोदी को पत्र भेजकर मांग के साथ की गई।
आशुतोष महादेव मंदिर महंत मनोज गिरी ने बताया कि जब मोदी पहली बार खड़े हुए तब से आज तक हम नित्य महादेव से उनके लिए प्रार्थना करते हैं और हमने उनकी जीत के लिए महादेव अचलेश्वर अचलनाथ का 501 किलो दूध से अभिषेक किया था और कमल सरोवर भी बनाया था। तब सबने कहा मोदी गाय के लिए कुछ करेंगे लेकिन अफसोस दो बार प्रधान मंत्री बनने पर भी गाय आज भी उपेक्षित है। गौ माता हजारों रोजगार देती है इसमें तैंतीस करोड़ देवी देवता विराजमान हैं और भारत की अर्थ व्यवस्था की धूरी गौ माता है। अब तो साधन आ गए नहीं तो सबको भोजन मिले इस उद्देश्य से गौ माता ने अपने दो पुत्र हमें बैल के रूप में दिए जिससे अन्न उत्पन्न किया जाता था। हम मन्दिरों में पत्थर के नंदी को पूजते हैं और जीवित नंदी दर-दर की ठोकरें खाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में लिखा कि भारत सनातन का देश है और सनातन देश में भी गौ माता सुरक्षित नहीं तो फिर राष्ट्र निर्माण का कोई मतलब नहीं है। ज्ञान व्यापी मुद्दा भी नंदी के कारण ही उठा है गौ माता हमारी राष्ट्रीय पहचान है इसलिए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना अति आवश्यक है।

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उन्होंने ने बताया कि जब तक गौ को राष्ट्र माता घोषित नहीं किया जाएगा चाहे राम मंदिर उद्घाटन कर लो, चाहे मथुरा का मंदिर बना दो और चाहे महाकाल और वाराणसी विश्वनाथ का गलियारा बना दो सब कुछ व्यर्थ है।
सभी ऋषि मुनियों ने गौ माता और नंदी को पूजा है। मंदिरों में रोज पत्थर के नंदी को पूजते हैं और जीवित नंदी भूखे मरते हैं।गौ माता के कारण भारत सोने की चिड़िया कहा जाता था गौ माता ही सनातन धर्म की सर्वोपरि है।

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