उम्मेद अस्पताल में दिमागी टीबी पर डॉ ईलोना कोपिता का प्रजेंटेसन

उम्मेद अस्पताल में दिमागी टीबी पर डॉ ईलोना कोपिता का प्रजेंटेसन

डॉ ईलोना कोपिता मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साईलेसिया पोलैंड से आई हैं

जोधपुर,उम्मेद अस्पताल में दिमागी टीबी पर डॉ ईलोना कोपिता का प्रजेंटेसन। शिशु औषध विभाग,डॉ संपूर्णानन्द आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में गुरुवार 18 जनवरी को उम्मेद अस्पताल के शिशु रोग विभाग सभागार में न्यूरोट्यूबरक्लोसिस (दिमागी टीबी) पर डॉ नेहल एवं डॉ साक्षी ने विभागाध्यक्ष डॉ मनीष पारख के मार्गदर्शन

में डॉ ईलोना कोपिता मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साईलेसिया, पोलैंड व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सिंह,डॉ जेपी सोनी,डॉ राकेश जोरा,डॉ मोहन मकवाना,डॉ सुरेश वर्मा,डॉ विष्णु कुमार गोयल,डॉ हरीश मौर्य,डॉ संदीप चौधरी,डॉ एस के विश्नोई,डॉ भानुप्रताप,डॉ विकास कटेवा,डॉ जगदीश डाबी,डॉ रतन लाल,डॉ मनोज सहित अन्य फैकल्टी एवं आवासीय चिकित्सक की उपस्थिति में केस प्रेजेंट किया।

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डॉ ईलोना कोपिता ने दिमागी टीबी पर अपने अनुभव साझा किया तथा विभाग में प्रस्तुत केस प्रेजेंटेशन को शानदार बताया। उन्होंने
न्यूरोट्यूबरक्लोसिस पर हुए नवीन शोध के बारे में अवगत कराया। विभागाध्यक्ष डॉ मनीष पारख, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट ने अपने अनुभवो को साझा किया और दिमागी टीबी के बचाव उपचार पर नवीन अपडेट पर अपने विचार प्रस्तुत किया। शिशु रोग विभाग में विदेशी चाइल्ड न्यूरोलॉजिस्ट की उपस्थिति में शानदार अनुभव रहा।शिशु रोग विभाग में NMC guidline के अनुसार समय समय पर देश तथा विदेश से एक्सपर्ट फैकल्टीस को बुलाकर उनके प्रेजेंटेशन एवं अनुभव को लगातार साझा किया जाता रहा है जिससे रेजिडेंट डॉक्टर व समस्त फैकल्टी शिशु रोग विभाग को लेटेस्ट अपडेट के बारे में जानकारी मिलती रहे।

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डॉ मनीष पारख ने बताया की दिमागी टीबी,टीबी का एक अत्यधिक विनाशकारी रूप है। टीबी के कुल मरीजों में से 1 से 2 प्रतिशत मरीजों में दिमागी टीबी होने का खतरा रहता है, एवं इसमें उच्च मृत्यु दर और न्यूरोलॉजिकल विकार का खतरा उचित उपचार लेने के बाद काफी अधिक है। यह बीमारी कुपोषित एवं कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों में अधिक होती है। दिमागी टीबी मुख्य रूप से मैनिंजाइटिस के रूप में प्रकट होता है।शिशु रोग में न्यूरोट्यूबरक्लोसिस के मरीजों का सम्पूर्ण इलाज बहतरीन तरीके से होता है एवं सभी मरीज पूर्ण रूप से ठीक होकर घर जा रहे हैं। विभाग में न्यूरोट्यूबरक्लोसिस पर शोध भी चल रहा है ताकि नए उपचार पर और अधिक जानकारी मिल सके। इसके बाद डॉ ईलोना कोपिता ने सभी फैकल्टी के साथ उम्मेद के NICU, PICU एवं वार्ड का निरिक्षण किया। उम्मेद अस्पताल की उच्च स्तरीय सुविधाओं को देखा तथा उपस्थित संसाधनों द्वारा बच्चों का बेहतरीन इलाज की काफी सहराना की।

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