मिशन जीवन रक्षा
- संक्रमण स्तर के अनुसार अस्पताल बनाये भर्ती प्रक्रिया की गाइडलाईन
- कोविड के भावी परिदृश्य के मद्देनजर बैड्स की रहे समुचित उपलब्धता
- एमडीएमएच में डेडिकेटेड कोविड विंग का भी किया निरीक्षण
- संक्रमण स्तर के अनुसार अस्पतालों में कोविड सक्रमितों रखने की व्यवस्था हो
- डेकेयर व्यवस्था भी सुदृढ करें
- अन्य जिलों से गैर आवश्यक रैफरल न किए जाएं
- अन्य चिकित्सा केन्द्रों को भर्ती प्रक्रिया के लिए रखें तैयार
जोधपुर, जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने रविवार को मथुरादास माथुर अस्पताल के प्रशासनिक खण्ड में मेडिकल काॅलेज प्रशासन, एमडीएमएच, एमजीएच के चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोविड संक्रमण की रोकथाम व उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोविड के बढते संक्रमण को देखते हुए मेडिकल काॅलेज व अस्पताल प्रशासन कोविड संक्रमितों के संक्रमण स्तर के अनुसार अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया की गाईडलाईन तय करें। कोविड के भावी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए बैड की समुचित उपलब्धता की पुख्ता व्यवस्था रखें।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढोतरी होने के साथ ही अस्पतालों में भर्ती होने वाले की संख्या में लगातार बढोतरी हो रही है। ऐसे में अस्पतालों में गंभीर कोरोना संक्रमितों के समुचित उपचार व जीवन रक्षा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन व अस्पताल प्रशासन द्वारा संक्रमण स्तर के अनुसार अस्पतालों में कोविड सक्रमितों को रखे जाने की व्यवस्था की जाए।
डेकेयर व्यवस्था भी सुदृढ करें
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोविड के भावी परिदृश्य को देखते हुए बैड्स की समुचित उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए डेकेयर व्यवस्था को अधिक सुदृढ करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कोविड सक्रमित जो एसिम्प्टोमेटिक है अथवा घर पर रहकर ही दवाईयों, चिकित्सकीय परामर्श के साथ ठीक हो सकते हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के बजाय डेकेयर व होम आइसोलेशन के लिए प्रेरित करें।
अन्य जिलों से गैर आवश्यक रैफरल न किए जाएं
जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि आस पास के जिलों के ऐसे मरीज जिन्हे वहीं के चिकित्सा केन्द्रों में रखकर ठीक किया जा सकता है। उन्हें जोधपुर जिला मुख्यालय पर रैफर ना करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य जिलो से रैफर होकर आने वाले संक्रमितों का मेडिकल काॅलेज प्रशासन द्वारा सम्पूर्ण डेटा विवरण रखा जाए।
सेटेलाइट अस्पताल व अन्य चिकित्सा केन्द्रों को भर्ती प्रक्रिया के लिए रखे तैयार
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिये कि कोविड संक्रमण व हास्पिटलाइजेशन के बढने की दर को देखते हुए एमडीएम के साथ ही सेटेलाइट अस्पतालों व अन्य चिकित्सा केन्द्रों को कोविड संक्रमितों के उपचार के लिए तैयार रखें, जिससे आने वाले समय में एक अस्पताल पर भार न बढे। सभी कोविड संक्रमितों के लिए समुचित उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। हमें किसी भी सूरत में नो बैड की स्थिति में नहीं आना है।
जिला कलेक्टर ने बैठक के बाद मथुरादास माथुर अस्पताल के मातृ व शिशु केन्द्र में चल रहे कोविड विंग का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्साधिकारियों से प्रतिदिन आने वाले कोविड रोगियों की संख्या, क्रिटीकल संक्रमितों, वेंटिलेंटर पर संक्रमितों के संबंध में जानकारी ली।
हैल्प डेस्क की व्यवस्था, कोविड संक्रमितो के भर्ती करने की प्रक्रिया का निरीक्षण कर वहां उपस्थित चिकित्सकों से कोविड के ट्रेंड के संबंध में जानकारी ली। जिला कलेक्टर की बैठक व निरीक्षण के दौरान प्रिसीपल मेडिकल काॅलेज डाॅ जीएल मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ इन्द्रजीत यादव, एडीएम तृतीय अंजुम ताहिर सम्मा, एमजीएच अधीक्षक डाॅ राजश्री बेहरा, एमडीएम अधीक्षक डाॅ एमके आसेरी सहित संबंधित अधिकारी साथ थे।