बोन एंड जॉइंट डे पर जोधपुर में निकली साइकिल रैली
हड्डियों,जोड़ों के स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली का दिया संदेश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बोन एंड जॉइंट डे पर जोधपुर में निकली साइकिल रैली। बोन एंड जॉइंट सप्ताह के अंतर्गत बोन एंड जॉइंट डे के अवसर पर सोमवार को जोधपुर में भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली का आयोजन जोधपुर ऑर्थोपेडिक सर्जन्स सोसायटी (जोसा),डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज और केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
संदिग्ध हालात में निजी बस में लगी आग
डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज से हुई शुरुआत
रैली का शुभारंभ डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से हुआ,जिसे डॉ.ओम शाह और डॉ.शरद थानवी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतिभागियों ने शहर से होते हुए काजरी के ईको-टूरिज्म बॉटनिकल पार्क तक साइकिल चलाई,जहाँ रैली का समापन हुआ।
स्वास्थ्य और पर्यावरण का मिला संदेश
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.अरुण वैश्य ने बोन एंड जॉइंट सप्ताह का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और साइकिलिंग जैसे शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देना है।
प्रो.डॉ.महेश भाटी ने सप्ताहभर की गतिविधियों की जानकारी दी।प्रो.डॉ. किशोर रामचंदानी ने नियमित साइकिलिंग की अपील की,जबकि प्रो. डॉ.जयराम रावतानी ने सक्रिय जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।जोसा अध्यक्ष डॉ.अनिल राठी ने प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत किया और सचिव डॉ. अशोक बिश्नोई ने आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों और छात्रों ने लिया भाग
रैली में डॉ.हेमंत जैन,डॉ. मनोहर परिहार,डॉ. राजीव जैन,डॉ.देवेंद्र गोदारा,डॉ.रामा किशन, डॉ.आशीष गौड़,डॉ. अभिनव सिंह,डॉ. कुलदीप घनखड़,डॉ. जयेश चौहान सहित बड़ी संख्या में अस्थि रोग विशेषज्ञ,रेजिडेंट चिकित्सक एवं मेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
2 अगस्त से शुरू हुआ सप्ताह
डॉ.हेमंत जैन ने बताया कि बोन एंड जॉइंट सप्ताह की शुरुआत 2 अगस्त को राष्ट्र स्तरीय शोध वार्ता से हुई थी, जिसमें देश के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों ने व्याख्यान दिए।
समापन काजरी में
समापन समारोह में काजरी निदेशक डॉ.एचएस. जाट ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की गतिविधियों और मरुस्थलीय क्षेत्र में चल रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी।
डॉ.अशोक बिश्नोई ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
