एमडीएमएच में गर्दन की रीढ़ की हड्डी का एमआईएस तकनीक से किया जटिल ऑपरेशन
जोधपुर,एमडीएमएच में गर्दन की रीढ़ की हड्डी का एमआईएस तकनीक से किया जटिल ऑपरेशन। मथुरादास माथुर अस्पताल में निंबी जोधा लाडनूं नागौर निवासी 28 वर्षीय राधा देवी की गर्दन की रीढ़ की हड्डी का एमआईएस तकनीक से जटिल ऑपरेशन डॉक्टर्स डे पर सम्पन्न हुआ।
ऑपरेशन पश्चात मरीज़ पूर्णत स्वस्थ है। यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत निःशुल्क किया गया।
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अस्थि रोग विभाग के यूनिट बी के हेड तथा अतिरिक्त प्रधानाचार्य प्रोफ़ेसर अरुण वैश्य ने बताया कि मरीज़ राधा की कार दुर्घटना में गर्दन की C2 vertebrae में Odontoid process का फ्रैक्चर था तथा स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव था
ऑपरेशन करने वाले औरथोपेडिक सर्जन तथा सहआचार्य डॉक्टर रामा किशन चौधरी ने बताया कि यह odontoid प्रोसेस का फ्रेक्चर सबसे जटिल स्पाइन सर्जरी है जिसको हमने MIS तकनीक से सूक्ष्म चीरे से सम्पन्न किया।इस तकनीक में मरीज़ की गर्दन में सिर्फ़ एक सेंटीमीटर का चीरा लगता है तथा इसी चीरे से MIS तकनीक से सर्जरी की जाती है
मरीज़ का एक्सीडेंट 10 जून 2023 को डेह रोड चौराया नागौर में हुआ। तत्पश्चात जिला अस्पताल नागौर से मेडिकल कॉलेज के अस्पताल जोधपुर एमडीएमएच में रेफ़र किया गया। यहाँ सम्पूर्ण जाँचे एक्स रे,सिटी,सिटी अंगियोग्राम,एमआरआई इत्यादि करवाने के पश्चात पाया गया कि मरीज़ राधा की गर्दन में C2 odontoid फ्रैक्चर है जिसका ऑपरेशन नहीं होने की स्थिति में मरीज़ को लकवा होने की संभावना रहती है । Odontoid fracture का आँपरेशन जटिल होता है। मरीज़ राधा का ऑपरेशन 1 जुलाई को डॉक्टर्स-डे पर एमआईएस तकनीक से किया गया।
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ऑपरेशन टीम में निश्चेतना विभाग से प्रोफ़ेसर शोभा उज्जवल,डॉ मोनिका सहायक आचार्य,रेज़ीडेंट डॉक्टर गीतिका,डॉ रेशम,डॉ अरुण तथा
ऑपरेशन करने वाली टीम में अस्थि रोग विभाग से डॉ अरुण वैश्य के नेतृत्व में साहचर्य डॉ रामाकिशन चौधरी, रेज़िडेंट डॉ प्रवीण,सीनियर रेज़ीडेंट डॉ हिमांशु तथा नर्सिंग ऑफ़िसर मनीष,शुभम,बिदामी तथा ओटी इंचार्ज अजन्ता विश्नोई एवं वलसममा का विशेष योगदान रहा। वार्ड में डॉक्टर घनश्याम,डॉ महेश ओला का योगदान रहा। अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ अरुण वैश्य तथा विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर महेन्द्र आसेरी ने बताया कि एमडीएमएच अस्थि रोग विभाग में रीढ़ की हड्डी की समस्त प्रकार के ऑपरेशन किए जाते हैं।
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हमारे विभाग में एमडीएम अस्पताल में Kyphoplasty,MIS SPINE Vertebroplasty, FIXATION, LUMBAR CANAL STENOSIS, SPONDYLOLISTHESIS सर्जरी, गर्दन की हड्डी की सर्जरी सहित दुर्घटनाग्रस्त रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, रीढ़ की हड्डी में फ्लोराइड के जमने से विकलांगता सहित विभाग में रीड की हड्डी की सालाना क़रीब 400 सर्जरी सिर्फ़ एमडीएमएच में की जाती है।
Odontoid fracture होने से मरीज़ में लकवे की संभावना रहती है। जिसको गर्दन में MIS तकनीक से सूक्ष्म चीरे से ऑपरेशन किया जाता है। अधीक्षक मथुरादास माथुर अस्पताल डॉक्टर विकास राजपुरोहित ने बताया कि मरीज़ पूर्णतः स्वस्थ है।
ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में निःशुल्क किया गया। प्रधानाचार्य डॉ दिलीप सिंह कच्छावा ने बताया कि रीड की हड्डी की सर्जरी के लिए अब जौधपुर सबसे बड़ा सेंटर बन गया है।जहाँ स्पाइन सर्जरी में प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम द्वारा जटिल से जटिल ऑपरेशन किए जाते हैं। प्रधानाचार्य ने ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
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