कलक्टर ने किया शहर के औद्योगिक व ड्रेनेज तंत्र का निरीक्षण

  • मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन में कचरा परिवहन व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का किया अवलोकन
  • जोजरी पुनरुद्धार एवं जीरो डिस्चार्ज पर कठोर अनुपालन के दिए निर्देश

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कलक्टर ने किया शहर के औद्योगिक व ड्रेनेज तंत्र का निरीक्षण। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बुधवार प्रातः शहर के औद्योगिक एवं ड्रेनेज तंत्र का व्यापक निरीक्षण कर प्रदूषण नियंत्रण,अपशिष्ट जल प्रबंधन तथा शहरी स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी स्थिति का आकलन किया। यह निरीक्षण जोजरी नदी के पुनरुद्धार, औद्योगिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण तथा आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB), रीको (RIICO),नगर निगम,रूडिप (RUDIP) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन: स्वच्छता तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस पहल
जिला कलक्टर ने निरीक्षण की शुरुआत काजरी स्थित मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन से करते हुए वहां की व्यवस्थाओं,संचालन प्रणाली एवं कार्यप्रवाह का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि इस अत्याधुनिक प्रणाली का संचालन पूर्ण दक्षता,पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाए,ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी रूप से सुदृढ़ किया जा सके।

नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने जिला कलक्टर को अवगत कराया कि ट्रांसफर स्टेशन का ट्रायल रन प्रारंभ किया जा चुका है। नई व्यवस्था के अंतर्गत खुले डम्परों में कचरा परिवहन की परंपरागत प्रणाली को समाप्त करते हुए हुक लोडर एवं कंटेनर आधारित परिवहन प्रणाली लागू की गई है। साथ ही,डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन अब मध्यवर्ती संग्रहण बिंदुओं के स्थान पर सीधे ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा खाली करेंगे,जिससे परिवहन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ होगी।

चयनित वार्डों में चरणबद्ध क्रियान्वयन,स्वच्छता गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार
राहुल जैन ने बताया कि प्रथम चरण में जोन संख्या 2 के वार्ड 11, 12 एवं 20 तथा जोन संख्या 3 के वार्ड 10, 46, 47, 48 एवं 50 में इस प्रणाली का क्रियान्वयन किया गया है। यहां से कचरा आधुनिक तंत्र के माध्यम से सीधे केरू यार्ड तक भेजा जा रहा है,जिससे खुले परिवहन से उत्पन्न प्रदूषण,गंदगी एवं असुविधाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।

औद्योगिक क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण,पर्यावरणीय मानकों के कड़ाई से अनुपालन पर बल
इसके उपरांत जिला कलक्टर ने लाइट इंडस्ट्रियल एरिया (न्यू पावर हाउस रोड),हेवी इंडस्ट्रियल एरिया (आईटीआई सर्किल) एवं बासनी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों एवं रीको ड्रेनों का संयुक्त निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली,प्रदूषण नियंत्रण उपायों एवं ड्रेनेज नेटवर्क की कार्यप्रणाली का गहन परीक्षण किया। यहानिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों एवं इकाइयों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों की अक्षरशः पालना करने के निर्देश दिए।

सीईटीपी संयंत्रों का आकलन, उपचार प्रक्रिया की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला कलक्टर ने सांगरिया स्थित सीईटीपी (CETP) स्टील एवं टेक्सटाइल संयंत्रों का निरीक्षण कर अपशिष्ट जल उपचार प्रक्रिया, संयंत्र की क्षमता एवं कार्यकुशलता का मूल्यांकन किया गया।
उन्होंने ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बिना उपचारित जल का निष्कासन नहीं होना चाहिए तथा संयंत्रों का संचालन निर्धारित मानकों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप ही किया जाए।

जोजरी नदी पुनरुद्धार: समयबद्ध एवं समन्वित कार्ययोजना पर विशेष जो
रंजन ने जोजरी नदी के पुनरुद्धार को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित बताते हुए रूडिप द्वारा निर्मित की जा रही क्लोज कंड्यूट पाइप लाइन परियोजना में तीव्र गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने के उपरांत औद्योगिक अपशिष्ट जल का प्रवाह सीधे उपचार संयंत्रों तक सुनिश्चित होगा तथा खुले नालों में केवल वर्षा जल का ही प्रवाह रहेगा।

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जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली अपनाने के निर्देश, संसाधनों के पुनर्चक्रण पर बल
निरीक्षण के उपरांत औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में जिला कलक्टर ने जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली को अनिवार्य रूप से अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयां अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग को प्राथमिकता दें। इससे न केवल प्रदूषण नियंत्रण संभव होगा,बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

बैठक में राजस्थान स्टील उद्योग से विष्णु मित्तल (प्रबंध निदेशक),प्रकाश जीरावाला (कार्यकारी निदेशक) एवं देवेंद्र डागा तथा जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण एवं अनुसंधान फाउंडेशन से अशोक कुमार संचेती (निदेशक), जसराज बोथरा (प्रबंध निदेशक),निलेश संचेती (कार्यकारी निदेशक) एवं संघ सिंह नोख (कोषाध्यक्ष) उपस्थित थे।

अतिक्रमण निष्पादन एवं परियोजनाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे अतिक्रमणों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हुए नियमित निगरानी तंत्र स्थापित करने पर भी बल दिया।

स्वच्छ,सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि प्रशासन औद्योगिक विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करते हुए जोधपुर को स्वच्छ,प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं औद्योगिक इकाइयों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशील एवं उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की क्षेत्रीय अधिकारी कामिनी सोनगरा,रूडिप के अधीक्षण अभियंता केपी व्यास, रीको के यूनिट हेड सुशील कटियाल,रीजनल मैनेजर नितेश रतनानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।