मुख्य सचिव ने दिया ‘विकसित राजस्थान @2047’ का रोडमैप,5 नए विभाग शुरू
- IIT जोधपुर का पहला मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस
- प्रशासन-तकनीक-अकादमिक का संगम
- IIT जोधपुर में TEM सुविधा शुरू -JCKIF म्यूजियम में दिखा शिल्प-तकनीक का मेल
- मरुधरा की भावना को समर्पित दिवस
- IIT जोधपुर में नए विभाग,रिसर्च फैसिलिटी और हरित संकल्प के साथ मना जश्न
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मुख्य सचिव ने दिया ‘विकसित राजस्थान @2047’ का रोडमैप,5 नए विभाग शुरू। IIT जोधपुर ने आज प्रथम ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ मनाकर राजस्थान के विकास की दिशा में बड़ी छलांग लगाई। मुख्य अतिथि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, ने ‘विकसित राजस्थान @2047’ के लिए दूरदर्शी मार्गदर्शन दिया और संस्थान के साथ 5 स्तंभों पर साझेदारी का संकल्प दोहराया- नवाचार,ग्रामीण परिवर्तन,AI आधारित विनिर्माण,सतत संसाधन प्रबंधन और नीति समर्थन।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
5 नए विभागों का शुभारंभ
मुख्य सचिव ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग,इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग,ऊर्जा एवं ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग,पर्यावरण एवं स्थिरता इंजीनियरिंग और अर्थशास्त्र विभागों का उद्घाटन किया। ये विभाग बहुविषयक शिक्षा और वैश्विक चुनौतियों के समाधान को मजबूती देंगे।
रिसर्च को मिली नई उड़ान
मुख्य सचिव ने सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी में ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (TEM)सुविधा शुरू की। यह मटेरियल साइंस व नैनो टेक्नोलॉजी में विश्वस्तरीय शोध को बढ़ावा देगी।
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शिल्प+तकनीक का संगम – जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (JCKIF) संग्रहालय व आर्टिजन शॉप का दौरा कर मुख्य सचिव ने पारंपरिक शिल्प और आधुनिक तकनीक के मेल को सराहा। यह स्थानीय कारीगरों के सशक्तिकरण की पहल है।
हरित संकल्प
मुख्य सचिव ने परिसर में पौधारोपण कर सतत भविष्य का संदेश दिया।
रणनीतिक संवाद
बोर्ड रूम में मुख्य सचिव,निदेशक प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल और डीन-विभागाध्यक्षों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता,रिसर्च इकोसिस्टम और राज्य की प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा हुई।
निदेशक प्रो.अग्रवाल बोले – “एयरोस्पेस से स्मार्ट प्रोडक्ट डिजाइन तक,हम नवाचार- आधारित शिक्षा को मजबूत कर रहे हैं। जलवायु अनुसंधान में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हम वैश्विक उत्कृष्टता और स्थानीय प्रभाव के बीच सेतु बना रहे हैं।
मुख्य सचिव श्रीनिवास ने कहा – IIT जोधपुर के साथ मिलकर हम राजस्थान की सौर ऊर्जा और कनेक्टिविटी की ताकत से समग्र विकास सुनिश्चित करेंगे। यह विकसित भारत के विजन के अनुरूप है।
प्रारंभ में दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ यह आयोजन प्रशासन, प्रौद्योगिकी और अकादमिक जगत के अभूतपूर्व संगम का प्रतीक बना। मरुधरा की भावना- प्रतिबद्धता, दृढ़ता और उत्तरदायित्व को समर्पित यह दिवस राजस्थान के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ।
