केंद्रीय कारागृह में 'भोर से विभोर'कार्यक्र आयोजित

केंद्रीय कारागृह में ‘भोर से विभोर’कार्यक्र आयोजित

जोधपुर, केंद्रीय कारागृह के बंदियों ने रविवार सुबह दिन की संगीतमय शुरूआत की। सूर्यनगरी तराना और केंद्रीय कारागार जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘भोर से विभोर’ कार्यक्रम में तराना के सदस्यों ने कारागृह परिसर में अलसुबह संगीत की स्वर लहरिया बिखेरी। जयपुर से आए तराना के मुख्य संयोजक देवेंद्र शर्मा के निर्देशन में तराना के सदस्यों ने अच्छी प्रस्तुतयां देकर कारागृह के बंदियों की तनाव मुक्त सुबह की शुरुआत की।

इस अवसर पर कारागृह अधीक्षक राजपाल सिंह ने कहा कि संगीत से मन को शांति मिलती है। अच्छा संगीत सुबह-सुबह सुनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम की शुरुआत देवेंद्र शर्मा ने मोटिवेशनल गानों से की उन्होंने आवारा हूं…, आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं… गाने सुनाएं। उसके बाद अमित पेड़ीवाल ने कबीर वाणी गाकर व गर्दिश में ना हो तारे गीत गाकर कैदियों का मनोरंजन किया।

सूर्यनगरी तराना के संयोजक नीरज बोहरा ने मधुबन खुशबू देता है.. और इतनी शक्ति हमें देना दाता.. प्रार्थना गाकर कैदियों का मन मोहा। डीके पुरोहित ने आ चल के तुझे लेके चलूं.. तथा एक अंधेरा लाख सितारे.. जगजीत सिंह की गजलें सुना कर कैदियों का मनोरंजन किया। कारागृह के बंदीयो ने गानों पर झूमते हुवे आनंद लिया और कुछ बंदीयो ने भी गाने गाकर अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय कारागृह के अधीक्षक और उनके साथियों ने तराना परिवार के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया और यहां पर आकर ऐसे कार्यक्रम निरंतर करने का आग्रह किया।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन डाउनलोड करें – http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews