विश्व थायरॉइड दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विश्व थायरॉइड दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के संघटक महाविद्यालय यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, जोधपुर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया।

होम्योपैथी के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ.गौरव नागर एवं प्रोफेसर डॉ.राजेश कुमावत ने बताया होम्योपैथी चिकित्सक डॉ.अंकिता आचार्य एवं डॉ.राकेश कुमार मीना एवं चतुर्थ वर्ष छात्र छगन द्वारा मण्डोर गार्डन में ‘विश्व थायरॉइड दिवस पर लगभग 120 लोगों लाभान्वित किया गया।

लोगो को सम्बोधित करते हुए डॉ.अंकिता आचार्य एवं डॉ.राकेश कुमार मीना ने बताया कि विश्व थायरॉइड दिवस प्रतिवर्ष 25 मई को मनाया जाता है,इसका मुख्य उद्देश्य थायराइड विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना,समय पर जांच को बढ़ावा देना और सही इलाज सुनिश्चित करना है। 2026 की थीम थायरॉइड और पोषण इस बात पर जोर देती है कि थायराइड को केवल दवाओं से नहीं,बल्कि सही खान-पान और अच्छी जीवनशैली से भी नियंत्रित किया जा सकता है।

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उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी से दुनिया भर में हर 10 में से 1 व्यक्ति थायराइड की समस्या से पीड़ित है, लेकिन इसके लक्षण आम थकान जैसे होने के कारण लोग इसे पहचान नहीं पाते, थायरॉइड दो प्रकार के होते है।

1.हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण (कम हार्मोन बनने पर) जब शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी हो जाती है तो मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है,अचानक वजन बढ़ाना,लगातार थकान, ज्यादा ठंड लगना,त्वचा और बालों में सूखापन, कब्ज और मानसिक लक्षण,महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना या ब्लीडिंग ज्यादा होना।

2.हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण (ज्यादा हार्मोन बनने पर) जब शरीर में थायराइड हार्मोन की अधिकता हो जाती है,तो मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाती है इसके मुख्य लक्षण अचानक वजन कम होना, घबराहट और बेचैनी,दिल की धड़कन तेज होना, ज्यादा गर्मी और पसीना आना,नींद न आना,बार- बार मोशन होना,गले के निचले हिस्से में सूजन या गांठ दिखाई देना है। यदि इन लक्षणों में से तीन या चार लक्षण लगातार कई हफ्तों से महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह से टी एसएच,टी 3,टी 4 ब्लड टेस्ट करवाएं।