IIT जोधपुर ने बनाए भविष्य के वंडर मटेरियल्स
- बिना बिजली चमकेंगी सड़कें
- अल्ट्रा-फास्ट बैटरी और स्मार्ट सेंसर होंगे तैयार
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),IIT जोधपुर के वैज्ञानिकों ने परमाणु स्तर पर ऐसी क्रांतिकारी सामग्रियां विकसित की हैं जो ऊर्जा, सड़क सुरक्षा और स्मार्ट सेंसर की दुनिया बदल देंगी।अत्यंत हल्के बोरोफीन से लेकर बिना बिजली चमकने वाले पेंट तक,ये ‘वंडर मटेरियल्स’ बैटरी, सड़क सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
NanoSense Lab कर रही अगली पीढ़ी पर काम
मेटलर्जिकल एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग के डॉ.प्रणय रंजन के नेतृत्व में NanoSense Lab ऐसी 2D सामग्रियों पर काम कर रही है जो कुछ परमाणुओं जितनी पतली हैं। इनमें असाधारण विद्युत,प्रकाशीय और यांत्रिक गुण हैं। लैब बोरोफीन पर अपने काम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
बोरोफीन: ग्राफीन से भी तेज
बोरोफीन पूरी तरह बोरॉन परमाणुओं से बनी धात्विक 2D सामग्री है। डॉ.रंजन ने बताया,”ग्राफीन सेमी-मेटल है,लेकिन बोरोफीन स्वाभाविक रूप से धात्विक और बेहद हल्का है।” यही खूबी इसे अल्ट्रा- फास्ट बैटरी,सुपरकैपेसिटर और एडवांस गैस सेंसर के लिए परफेक्ट बनाती है। IIT जोधपुर ने बोरोफीन को स्वतंत्र 2D मटेरियल के रूप में सफलता पूर्वक बनाया है,जो बड़ीवैज्ञानिक उपलब्धि है। लैब हेमेटीन, ग्राफीन और ग्राफीन ऑक्साइड पर भी काम कर रही है।
“Lab-to-Fab”: लैब से फैक्ट्री तक
IIT जोधपुर का फोकस सिर्फ खोज नहीं,बल्कि औद्योगिक उत्पादन है। “Lab-to-Fab” मॉडल के तहत Tata Group के New Materials Division के साथ साझेदारी हुई है। मकसद बोरोफीन,ग्राफीन,हेमेटीन का बड़े स्तर पर उत्पादन करना है। डॉ.रंजन बोले, “भारत को उन्नत सामग्रियों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हम स्वदेशी क्षमताएं बना रहे हैं।”ये रक्षा,इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा भंडारण में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा।
बिना बिजली चमकने वाला पेंट तैयार
Marudhar Paints and Polymers के साथ मिलकर लैब ने स्वयं चमकने वाला पेंट बनाया है। यह दिन में सूरज की रोशनी सोखकर रात में फॉस्फोरेसेंस से चमकता है,बिना बिजली बैटरी के। तापमान और नमी के परीक्षण सफल रहे। इसका इस्तेमाल हाईवे डिवाइडर, सड़क मोड़ों,सुरक्षा संकेतों, इमरजेंसी एग्जिट में होगा। डॉ.रंजन ने कहा,”अगर सड़कें बिना बिजली रात में चमकें तो सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी दोनों बढ़ेगी।”
खतरनाक गैस पकड़ने वाले स्मार्ट सेंसर
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के साथ मिलकर बोरोफीन आधारित गैस सेंसर भी बन रहे हैं। ये इलेक्ट्रिकल रेजिस्टेंस में सूक्ष्म बदलाव से खतरनाक गैसें पहचान लेते हैं। औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण निगरानी,हेल्थ केयर और स्मार्ट सिटी में इनका बड़ा उपयोग होगा।
खास बात:-
इनका टेस्ट मिश्रित गैसों और बदलते मौसम जैसी असली परिस्थितियों में हो रहा है।
स्थानीय उद्योगों को भी फायदा
IIT जोधपुर राजस्थान के उद्योगों के साथ भी काम कर रहा है। Metallizing Equipment Company और Raghu Diamonds के साथ एडवांस कोटिंग्स, वैक्यूम डिपोजिशन सिस्टम और वियर-रेजिस्टेंट सर्फेस पर काम चल रहा है।
परमाणु स्तर पर डिजाइन
डॉ.रंजन ने कहा कि हम पूछ रहे हैं क्या परमाणु स्तर पर सामग्री डिजाइन कर सकते हैं? और वो रोजमर्रा की तकनीक कैसे बेहतर बनाएगी? IIT जोधपुर का “Atom-by-Atom Engineering” दृष्टिकोण भविष्य की तकनीकों का आधार बन सकता है।
