आसाराम को जांच के लिए एम्स अस्पताल लाया गया, उमड़ी समर्थकों की भीड़

आसाराम को जांच के लिए एम्स अस्पताल लाया गया, उमड़ी समर्थकों की भीड़

जोधपुर, जोधपुर केंद्रीय कारागार में बंद आसाराम को आज कड़े सुरक्षा घेरे में जांच के लिए एम्स ले जाया गया। एम्स में डॉक्टरों ने उनकी कई तरह की जांच की। बताया जा रहा है कि उन्हें यूरिन इंफेक्शन है। जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया। जेल से एम्स लाए जाने के दौरान रास्ते में कई स्थान पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे। आसाराम का वाहन देखते ही वे उसके पीछे भागे, लेकिन वे उसके निकट नहीं पहुंच पाए।

यूरिन इंफेक्शन की तकलीफ

यूरिन इंफेक्शन से जुड़ी तकलीफ होने के बाद आसाराम को आज एम्स लाया गया। एम्स में करीब दो घंटे तक उनकी कई तरह की जांच की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके सेहत के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं है। अधिकांश जांच सामान्य नजर आ रही है। करीब दो घंटे की जांच के बाद आसाराम को वापस जेल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि 83 वर्षीय आसाराम में बढ़ती उम्र में होने वाली कुछ बीमारियां अवश्य है, लेकिन सामान्य तौर पर वे ठीक है। आसाराम ने अपनी सेहत का हवाला देकर राजस्थान हाईकोर्ट में सजा स्थगन की याचिका दायर कर रखी है। इस याचिका पर सरकारी पक्ष के वकील का जवाब पेश नहीं होने के कारण गत सुनवाई टल गई थी।

एम्स अस्पताल में उमड़े समर्थक, पुलिस ने किया दूर

इधर जेल से आसाराम को एम्स ले जाने की भनक उसके समर्थकों को पहले से लग चुकी थी। ऐसे में जेल के बाहर से लेकर एम्स तक कई स्थान पर उनके समर्थक पहले से आ डटे। जेल व एम्स के बाहर सबसे अधिक समर्थक थे। हमेशा की तरह आसाराम का वाहन देखते ही वे उसकी एक झलक देखने को पीछे भागे, लेकिन वे निकट पहुंचते तब तक वाहन आगे बढ़ गया। आसाराम की जांच के दौरान भी कुछ समर्थकों ने निकट जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इस आरोप में है जेल में बंद

कथा वाचक आसाराम के गुरुकुल में पढऩे वाली एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया कि पंद्रह अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीडऩ किया। बीस अगस्त 2013 को उसने दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसा राम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए उसे जोधपुर भेजा। जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीडऩ करने का मामला दर्ज किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इन्दौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद है।

मरते दम तक जेल की सजा

अप्रेल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार देते हुए मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी। आसाराम पंद्रह से अधिक बार जमानत हासिल करने का प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार उसकी याचिका खारिज हुई।

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