जोधपुर, कोविड-19 वैक्सीनेशन के तृतीय चरण के लिए चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ग्राउंड लेवल तक व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को सुचारू करके टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जाएगा।

यह कहना है जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बलवंत मंडा का। उन्होंने मंगलवार को मीडिया कार्यशाला में कोविड वैक्सीनेशन के तृतीय चरण की जानकारी दी और बुजुर्गों व गंभीर मरीजों को आगे आकर कोरोना वैक्सीन लगाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन से ही कोरोना का खात्मा संभव है। वैक्सीनेशन की व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में निशुल्क है लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में दो बार के टीकाकरण के लिये पांच सौ रुपए का भुगतान करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचरियों के सहयोग से इस वैक्सीनेशन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई है जिसमे जरूरतमंद व्यक्ति वंचित नहीं रहें। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीनशन 2.0 अभियान के पात्र लाभार्थी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र कोविड वैक्सीनशन केंद्र पर ऑनसाइट पंजीकरण, अपॉइंटमेंट, वेरिफिकेशन एवं वैक्सीनेशन उसी दिन करवा सकते हैं। पात्र लाभार्थी विभिन्न आईटी प्लेटफार्म के माध्यम से ऑनलाइन अपना सेशन प्लान कर सकते हैं। ओपन स्लॉट्स के लिए गाइड लाइन के तहत क्षमता अनुसार लाभार्थियों का पंजीकरण कर उनका वैक्सीनशन किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्राल की ओर से वैक्सीनेशन का दायरा विस्तृत करते हुए निजी अस्पतालों के लिए टीकाकरण की प्रति डोज की दर 250 रुपए निर्धारित की है जिसमें 150 रुपये वैक्सीन की कीमत और 100 रुपए निजी अस्पताल का सर्विस शुल्क शामिल है। निजी अस्पतालों को कोविड वैक्सीन सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है। वर्तमान में साठ साल उम्र के लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 45 से 59 वर्ष के गंभीर मरीजों के लिए डॉक्टरों की इलाज पर्ची के आधार पर सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक उनको सर्टिफिकेट आवंटित करेंगे जिससे उनको भी टीके लग सकेंगे। लाभार्थी की उम्र की गणना का आधार 1 जनवरी 2022 निर्धारित किया गया है।