बासनी थाने में युवक ने सल्फाश खाकर दी जान
- लड़की मिसिंग केस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था
- एम्स अस्पताल लाए जाने के बाद मौत
- मजिस्ट्रेट बयान लिए गए -मरने की पोस्ट डाली थी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बासनी थाने में युवक ने सल्फाश खाकर दी जान।शहर के बासनी थाने में मंगलवार को एक युवक ने दिन में सल्फाश की गोलियां खाकर सुसाइड कर लिया। घटना से एक बारगी पुलिस थाने में हडक़ंप मच गया। उसे तत्काल एम्स अस्पताल ले जाया गया। जहां बाद में शाम को उसकी मौत हो गई। मृत्यु पूर्व उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी हुए। अब तक की जांच पड़ताल में पता लगा कि उसने सल्फाश खाने से पहले अपने मोबाइल पर सुसाइड को लेकर पोस्ट भी डाली थी। हालांकि पुलिस इसे अभी वेरिफाई कर रही है। उसे किसी लडक़ी के मिसिंग को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
महिला कांस्टेबल की ट्रेन से कटने पर मौत
वह आराम से अपने बयान लिखवा रहा था इस बीच उसने सल्फाश खा लिया। डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत ने बताया कि सांगरिया क्षेत्र की एक महिला गत 4 जून को लापता हुई थी। जिस पर उसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई गई थी। इसका शक अमृत नाम के लडक़े पर जताया गया था। जिस पर पुलिस ने उसे मंगलवार को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया था। शाम साढ़े पांच बजे पूछताछ के बीच में उसने अपने जेब में रखी सल्फाश खा ली। पता लगने पर उसे तत्काल एम्स अस्पताल लाया गया। मगर रात नौ बजे के आस पास उसकी मौत हो गई।
डीसीपी वेस्ट शेखावत ने बताया कि तबीयत बिगडऩे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया तब न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी लिए गए।
थाने लाने से पहले मोबाइल पर सुसाइड की डाली थी पोस्ट
दोपहर दो बजे वह पुलिस थाने पहुंंचा था। पुलिस ने उसके मोबाइल आदि की जांच की तो पता लगा कि उसने अपने मोबाइल में अपने सुसाइड करने जैसी बात भी कही है। कुछ स्क्रीन शॉट से ऐसे अंदेशा लगा है। फिलहाल इस बारे में जांच की जा रही है। उसके द्वारा दोपहर डेढ़ बजे में उसे बुलाने से पूर्व उसने मोबाइल में कुछ ऐसी पोस्ट डाली थी।
पांच सात साल पहले भी इस महिला को भगाया गया
अब तक की जांच में सामने आया कि अमृत इस महिला को पांच सात साल पहले भी भगाकर ले गया था। जिसकी की भी जानकारी पुलिस को हुई है। मामला पुलिस लव एंगल से भी जोड़ कर देख रही है।
अनुसंधान अधिकारी हैडकांस्टेबल के सामने चल रही थी पूछताछ
डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत ने बताया कि लडक़ी मिसिंग के इस केस की जांच हैडकांस्टेबल सत्यप्रकाश के पास में थी। वे अमृत से पूछताछ कर रहे थे। आराम से उसके बयान भी लिए जा रहे थे,मगर उसने कब सल्फाश खा लिया इसका पता नहीं लग पाया।
बासनी थाना स्टाफ पर गिर सकती है गाज
मामले की गंभीरता को देखते पुलिस के उच्चाधिकारीगण बासनी थाना स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। मुल्जिम बयान से पहले उसकी चेकिंग नहीं की गई। इसमें किसकी लापरवाही रही इस बारे में फिलहाल अधिकारी अनुसंधान में लगे हैं।
