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जोधपुर, भगत की कोठी स्थित कृष्ण मंदिर में कृष्ण मंदिर महिला मंडल और समस्त भगत की कोठी निवासियों की ओर से 20 जनवरी से मंदिर के गोविंद महाराज के सानिध्य में आयोजित श्री रामदेव लीलामृत खम्मा खम्मा कथा की पूर्णारती हुई। पूर्णारती से पूर्व कथा में डाली बाई की समाधि,रामदेव की समाधि, हरजी भाटी का परिचय और परचा, जोधपुर दरबार विजयसिंह और हाकम हजारीमल को परचा, बिरांठियां का मेला और दल्ला सेठ को परचा का प्रसंग सुनाया तो भक्त भावविभोर हो गए। प्रसंग के दौरान भजन गायक मुकेश गौड़, पंकज जांगिड़, अजय सिंह सोढा, विजय सिंह सोलंकी, वेभव वैष्णव, महेंद्र सुथार, मोहित सिंह सोढा और सहयोगियों ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शहर विधायक मनीषा पंवार, दक्षिण वार्ड 47 कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी दिव्या गहलोत, कुड़ी वार्ड पंच महेंद्र सिंह, कैलाश कमेड़ीया, दशरथ कुमार सोलंकी, सुनील गोयल, भगवानाराम सैन, बेंगलोर से आए बाबा के भक्त रघुनाथ सिंह भाटी और उम्मेद सिंह गहलोत उपस्थित हुए। कथावाचक महेंद्रसिंह पंवार ने शहर विधायक मनीषा पंवार से इस कथा का सर्वप्रथम वाचन करने वाले डींगल कवि लक्ष्मीदत्त बारठ के शिष्य कथावाचक स्व. मोहनदास निंबार्क के नाम से शहर में मार्ग शिलालेख लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह कथा वास्तविक रामदेव लीलामृत खम्मा खम्मा डींगल कवि लक्ष्मीदत्त बारठ ने (हरजी भाटी की कथा पर आधारित) अपने सरल शब्दों में लिखी। यह कथा सर्वप्रथम स्वंय लक्ष्मीदत्त बारठ ने गाई। उसके बाद उनके शिष्य कथावाचक मोहनदास निंबार्क, तुलसीराम सोनी और भागीरथ नारवा ने गाई। जो देशभर और संपूर्ण विश्व में विख्यात हुई। वर्तमान में उन्हीं कथावाचक के शिष्य स्वंय महेंद्रसिंह पंवार ने कई अरसो बाद इस कथा को करने का मानस बनाया और देश के कोने-कोने में करने का संकल्प लिया। इस कथा के दौरान उन्हें आगामी दिनों में विभिन्न आयोजकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर कथा करने का अग्रिम न्योता भी मिला है। उम्मेदसिंह गहलोत ने कथावाचक महेंद्रसिंह पंवार तथा सभी सहयोगियों का साफा, माल्यार्पण व शाॅल ओढ़ाकर सम्मान किया।