भारत फ्रांस युद्धाभ्यास
जोधपुर, युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट 21 अब अंतिम चरण में है। आज उसका चौथा दिन था। रविवार को अभ्यास खत्म हो जाएगा। इससे पहले आज पायलटस ने अपनी राय प्रकट की। उन्होंने इस युद्धाभ्यास को बेहतरीन बताया और दोनों देशों की ताकत को दर्शाया। पायलट का कहना है कि सुखोई को राफेल साथ मिल जाता है तो दोनों मिलकर दुनिया के किसी कोने में साथ ही उनका कहना है कि राफेल के अनुभवी फ्रांस के पायलट्स से हमारे पास सीखने को बेहतर अवसर मिल रहे है। स्क्वाड्रन लीडर सार्थक कुमार ने युद्धाभ्यास के बारे में कहा कि एकदम नया और बेहतरीन। फ्रांस के पायलट्स लंबे अरसे से राफेल को उड़ा रहे है। ऐसे में उनका अनुभव हमारे लिए बेहतरीन मौका है। कम जानने वाला अनुभवी का साथ कर हमेशा अपने साथ अधिक चीजें लेकर जाता है और यही बात हमारे पायलट्स पर लागू होती है। हम उनसे सीख कर अधिक जानकारी ले रहे हैं। इससे हमारी ऑपरेशनल क्षमता काफी बढ़ेगी इसका लाभ हमें आने वाले दिनों में मिलेगा। सार्थक कुमार ने कहा कि सुखोई हमारी बैक बोन रहा है। हम इसे काफी समय से उड़ा रहे हैं। सुखोई को अब राफेल का भी साथ मिल गया। ऐसे में यह बहुत मारक जोड़ी बन गई। जब ये दोनों मिल जाते है तो कहीं पर भी जाकर हमला करने में सक्षम हो जाते हैं हम। युद्धाभ्यास के दौरान उन्होंने हमारे सुखोई में और हमने उनके राफेल में उड़ान भरी। फ्रांस के लेफ्टिनेंट कर्नल जैक ने बताया कि भारतीय पालट्स कई मायनों में बहुत परफैक्ट है। उन्होंने कम समय में राफेल को अपनाया है। इस बीच इस युद्धाभ्यास के माध्यम से उन्होंने हमसे और हमने उनसे काफी कुछ सीखा है।
