बंगाली समाज के दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर
- 15 से 20 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान
- 12 फीट की प्रतिमा रहेगी आकर्षण का केंद्र
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बंगाली समाज के दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर। बंगाली समाज की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी दुर्गा पूजा महोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-9 स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मां दुर्गा की अस्थायी प्रतिमा स्थापना के लिए भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है।
आयोजन में समाज की मातृ शक्ति,युवाओं और समाज बंधुओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। पंडाल निर्माण का कार्य दीपक सरकार और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। पंडाल को आकर्षक रूप देने के लिए पर्पल और व्हाइट रंग के कपड़ों से सजावट की जाएगी। इसके निर्माण और सजावट में करीब पांच से सात हजार मीटर कपड़े का उपयोग किया जा रहा है।
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पंडाल को भव्य स्वरूप देने के लिए बांस,प्लाई,थर्मोकॉल और लोहे के स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से पंडाल को सजाया जाएगा। भव्य पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा महोत्सव के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
कोलकाता के कलाकार तैयार कर रहे इकोफ्रेंडली प्रतिमा
मां दुर्गा की लगभग 10 से 12 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा कोलकाता से आए मूर्ति कलाकारों द्वारा गंगा की मिट्टी से तैयार की जा रही है। प्रतिमा निर्माण में करीब तीन महीने का समय लगा है। प्रतिमा को पर्यावरण अनुकूल (इकोफ्रेंडली) बनाया जा रहा है। मां दुर्गा के साथ भगवान गणेश,माता लक्ष्मी,भगवान कार्तिकेय और मां सरस्वती की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। पूजा- अर्चना के लिए कोलकाता से आए पंडित विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाएंगे।
देवी बोधन से होगा महोत्सव का आगाज
समाज के प्रवक्ता सुमन विश्वास ने बताया कि दुर्गा पूजा अनुष्ठान 15 अक्टूबर को देवी बोधन के साथ शुरू होगा। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी की पूजा संपन्न होने पर समाज की महिलाएं पारंपरिक सिंदूर खेला में भाग लेंगी। इसके साथ ही छह दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन होगा।
बंगाली समाज के लोग इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। महोत्सव के दौरान धार्मिक पूजा-अर्चना,पारंपरिक रीति- रिवाजों और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना की जाएगी।
