नेपाल में छिपकर चला रहा था मादक पदार्थ तस्करी का नेटवर्क, एएनटीएफ ने रक्सौल बॉर्डर से दबोचा
- देश छोड़ा,पहचान और ठिकाने बदले,फिर भी नहीं बच सका 76 हजार रुपये का इनामी -सोहनलाल विश्नोई
- राजस्थान पुलिस के ‘ऑपरेशन विषनहस’ में बड़ी कार्रवाई
- बालोतरा जिले का निवासी छह साल से था फरार
- पुलिस के अनुसार नेपाल में रहकर गुर्गों के जरिए चलाता था तस्करी का नेटवर्क
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नेपाल में छिपकर चला रहा था मादक पदार्थ तस्करी का नेटवर्क, एएनटीएफ ने रक्सौल बॉर्डर से दबोचा। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में छह साल से फरार चल रहे 76 हजार रुपये के इनामी आरोपी सोहन लाल विश्नोई को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपने गुर्गों के माध्यम से तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन विषनहस’ के तहत कार्रवाई करते हुए उसे नेपाल से भारत लाकर बिहार के रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया।एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार के अनुसार,राजस्थान पुलिस की इस कार्रवाई में पहली बार विदेश में छिपे फरार इनामी तस्कर को पकडऩे में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि एएनटीएफ अब तक देश के विभिन्न राज्यों से 102 फरार इनामी अपराधियों को पकड़ चुकी थी। सोहनलाल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या बढक़र 103 हो गई है।
शराब तस्करी से शुरू किया अपराध का रास्ता
पुलिस के अनुसार,बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भारते की बेरी निवासी सोहन लाल पुत्र भागीरथ राम ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह गलत संगत में पड़ गया और वर्ष 2016 से अवैध शराब की तस्करी करने लगा। इस दौरान उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए और पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया। वह करीब 30 दिन तक बाड़मेर जेल में न्यायिक अभिरक्षा में रहा।
पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने शराब तस्करी छोडक़र अधिक मुनाफे के लालच में अफीम और डोडा पोस्त की तस्करी शुरू कर दी। शुरुआत में उसने अन्य तस्करों के साथ मिलकर काम किया, लेकिन बाद में अपना अलग नेटवर्क खड़ा कर लिया।
कई राज्यों तक फैला था तस्करी का नेटवर्क जांच के अनुसार, आरोपी मध्य प्रदेश के नीमच और राजस्थान के चित्तौडग़ढ़, उदयपुर तथा भीलवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से मादक पदार्थ जुटाता था। इसके बाद अपने गुर्गों के माध्यम से मारवाड़ और पंजाब के तस्करों तक खेप पहुंचाकर अवैध कमाई करता था।
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वर्ष 2020 में जालोर जिले के चितलवाना थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान छोड़ दिया और मुंबई,पुणे,अहमदाबाद,गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ तथा आंध्रप्रदेश सहित कई स्थानों पर ठिकाने बदले। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सीमित कर दिया था।
एएनटीएफ के गठन के बाद नेपाल भागा
पुलिस के अनुसार,राजस्थान में एएनटीएफ की सक्रियता बढऩे के बाद आरोपी अक्टूबर 2025 में नेपाल चला गया और काठमांडू में रहने लगा। वहां से वह राजस्थान में अपने सहयोगियों के संपर्क में रहकर तस्करी का नेटवर्क चलाता रहा।
पंजाब के खरीदार बनकर पुलिस ने बिछाया जाल
एएनटीएफ की टीम लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। तकनीकी सुराग नहीं मिलने पर टीम ने उसके स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचने की रणनीति बनाई। पुलिस के मुताबिक,टीम ने पंजाब के बड़े मादक पदार्थ खरीदार के रूप में उसके गुर्गों से संपर्क किया और बड़ी खेप खरीदने की बात कही।
गुर्गों ने बताया कि बड़ी मात्रा में माल की आपूर्ति के लिए उनके मुख्य सरगना से मिलना होगा, जो नेपाल में रह रहा है। इसके बाद टीम को आरोपी के नेपाल में होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार,आरोपी से मुलाकात के लिए टीम काठमांडू पहुंची और उसे पकडऩे की कार्रवाई को अंजाम दिया।
एएनटीएफ की इस कार्रवाई को राजस्थान पुलिस की मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, सहयोगियों और तस्करी से जुड़े अन्य संपर्कों के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
