राज-एसिकॉन 2026 में जुटे देशभर के विशेषज्ञ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट

हार्मोन एवं मेटाबॉलिक रोगों के नवीनतम उपचार पर हुआ मंथन

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राज-एसिकॉन 2026 में जुटे देशभर के विशेषज्ञ
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट। राजस्थान एंडोक्राइन सोसायटी एवं एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया की राजस्थान शाखा का वार्षिक सम्मेलन राज- एसिकॉन 2026 शनिवार को एक निजी होटल में आयोजित हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए वरिष्ठ हार्मोन रोग विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों ने मधुमेह, मोटापा,हड्डियों के रोग, पिट्यूटरी एवं अन्य हार्मोन संबंधी बीमारियों के आधुनिक उपचार पर मंथन किया।

वैज्ञानिक सत्र में मधुमेह, मोटापा,हड्डी एवं खनिज विकार,पिट्यूटरी रोग, बाल हार्मोन विज्ञान, महिला स्वास्थ्य,प्रजनन क्षमता,अधिवृक्क ग्रंथि तथा अन्य जटिल हार्मोन संबंधी रोगों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।सम्मेलन में हाइपरपैराथायरॉइडिज्म पर विशेष सत्र आयोजित हुआ।

पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.संजय के.भदादा ने इस रोग के सामान्य से लेकर दुर्लभ एवं जटिल रूपों,निदान तथा आधुनिक उपचार विकल्पों पर जानकारी दी। एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ.कौशिक पंडित ने ऑटोइम्यून मधुमेह के नए उपचारों पर व्याख्यान दिया और रोग के बेहतर नियंत्रण के लिए उभरती उपचार रणनीतियों की जानकारी दी।

भुवनेश्वर के वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संबित दास ने एक्रोमेगली के आधुनिक उपचार पर व्याख्यान दिया। उन्होंने लगातार सक्रिय रहने वाली एक्रोमेगली में आधुनिक दवाओं एवं उपचार पद्धतियों से बेहतर हार्मोन नियंत्रण के उपायों पर चर्चा की।

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सम्मेलन में बचपन का मोटापा एवं पोषण, मरीज-केंद्रित हार्मोन रोग देखभाल,सार्कोपीनिया, एडिपोसोपैथी,कमजोर हड्डियों के कारण होने वाले फ्रैक्चर,फ्रैक्चर लाइजन सेवा,टाइप-2 मधुमेह की बहु-अंग जटिलताओं, द्वितीयक मधुमेह और मधुमेह के आधुनिक उपचार जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों ने विचार रखे।

जटिल विषयों पर चर्चा पिट्यूटरी सत्र में पिट्यूटरी ट्यूमर के आसपास की अवधि के प्रबंधन तथा प्रोलैक्टिनोमा के बिना हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया जैसे जटिल विषयों पर चर्चा हुई। महिला स्वास्थ्य सत्र में गर्भावधि मधुमेह, अत्यधिक बाल वृद्धि और लीन पीसीओएस पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। बाल हार्मोन रोगों के विशेष सत्र में माइक्रोपेनिस,छोटे कद एवं वृद्धि हार्मोन उपचार, विटामिन-डी की कमी के अलावा अन्य कारणों से होने वाले रिकेट्स, नवजात शिशुओं में हाइपोग्लाइसीमिया तथा डीएसडी जैसे विषयों पर व्याख्यान हुए।

आयोजन सचिव डॉ. रोनक गांधी ने बताया कि सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को देश के प्रमुख हार्मोन रोग विशेषज्ञों के साथ नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी और जटिल रोगों के आधुनिक उपचार पर संवाद का अवसर मिला। सम्मेलन का वैज्ञानिक कार्यक्रम 20 सितंबर को भी जारी रहेगा।